राजस्थान की 14,403 ग्राम पंचायतों में आज आरक्षण लॉटरी, सरपंच के 14,403 और वार्ड पंच के 1.30 लाख पदों का होगा फैसला
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के पदों पर आरक्षण तय करने के लिए गुरुवार को लॉटरी निकाली जाएगी। उपखंड स्तर पर होने वाली इस प्रक्रिया के जरिए अलग-अलग श्रेणियों के लिए आरक्षित पद तय किए जाएंगे। इसके साथ ही महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का भी निर्धारण लॉटरी के माध्यम से होगा।
आरक्षण प्रक्रिया के तहत प्रदेश में सरपंच के कुल 14,403 पदों के लिए आरक्षण तय किया जाएगा। इनमें अनुसूचित जनजाति यानी एसटी वर्ग के लिए 3,058 पद, अनुसूचित जाति यानी एससी वर्ग के लिए 2,493 पद और अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के लिए 1,961 पद आरक्षित किए जाएंगे। बाकी पद अनारक्षित श्रेणी में रहेंगे।इसी तरह प्रदेश की ग्राम पंचायतों में वार्ड पंच के कुल 1,30,584 पदों के लिए भी आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। इनमें एससी वर्ग के लिए 21,962 वार्ड, एसटी वर्ग के लिए 19,117 वार्ड और ओबीसी वर्ग के लिए करीब 15 हजार वार्ड आरक्षित किए जाएंगे। शेष वार्ड अनारक्षित श्रेणी में रहेंगे।
महिलाओं को हर वर्ग में 50 प्रतिशत आरक्षण
पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। खास बात यह है कि यह आरक्षण केवल एक श्रेणी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रत्येक आरक्षित श्रेणी में आधे पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। यानी एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के आरक्षित पदों में से 50 प्रतिशत पद संबंधित वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे।अनारक्षित श्रेणी में भी महिलाओं को आधा आरक्षण मिलेगा। इसके लिए अनारक्षित पदों में से 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए तय किए जाएंगे। इस तरह लॉटरी के जरिए यह भी निर्धारित होगा कि किस ग्राम पंचायत में सरपंच का पद किस वर्ग या महिला के लिए आरक्षित रहेगा।
उपखंड स्तर पर होगी लॉटरी की प्रक्रिया
सरपंच और वार्ड पंच के पदों के आरक्षण की लॉटरी उपखंड स्तर पर निकाली जाएगी। इसके लिए संबंधित प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी की गई हैं। लॉटरी के बाद म पंचायतवार यह स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि किस पंचायत में सरपंच का पद एससी, एसटी, ओबीसी या अनारक्षित वर्ग के लिए होगा और इनमें से कौन सा पद महिला के लिए आरक्षित रहेगा।आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों के लिए भी स्थिति साफ हो जाएगी। जिन पंचायतों में जिस वर्ग के लिए पद आरक्षित होगा, उसी के अनुसार उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर सकेंगे।
गौरतलब है कि राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव को लेकर लंबे समय से तैयारियां चल रही हैं। अब ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच के पदों का आरक्षण तय होने के बाद चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा। लॉटरी के परिणाम के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में चुनावी समीकरण भी बदलेंगे और संभावित उम्मीदवार अपनी तैयारियां उसी के अनुसार शुरू कर सकेंगे।
