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जयपुर में पंचायतीराज चुनाव की आरक्षण लॉटरी पूरी, 57 जिला परिषद और 386 पंचायत समिति सदस्य पदों का आरक्षण तय

 
जयपुर में पंचायतीराज चुनाव की आरक्षण लॉटरी पूरी, 57 जिला परिषद और 386 पंचायत समिति सदस्य पदों का आरक्षण तय

जयपुर जिले में पंचायतीराज चुनाव 2026 को लेकर आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। इस प्रक्रिया के तहत जिला परिषद के 57 सदस्य पदों और पंचायत समितियों के 386 सदस्य पदों का आरक्षण तय किया गया। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब चुनाव की तैयारियों में तेजी आने की संभावना है। महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीटों का आरक्षण रखा गया है।

आरक्षण लॉटरी के बाद जिला परिषद और पंचायत समिति स्तर पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों की स्थिति भी स्पष्ट हो गई है। जिन वार्डों को सामान्य वर्ग के लिए रखा गया है, वहां सामान्य श्रेणी के दावेदार चुनावी तैयारी कर सकेंगे। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित वार्डों में संबंधित वर्ग के उम्मीदवारों को मौका मिलेगा।

महिला आरक्षण भी लॉटरी का अहम हिस्सा रहा। निर्धारित व्यवस्था के तहत 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इसमें अलग-अलग आरक्षित श्रेणियों में महिला उम्मीदवारों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। इससे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में बड़ी संख्या में महिला प्रत्याशियों के मैदान में उतरने की संभावना है।

लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संभावित उम्मीदवार अब अपने-अपने वार्ड की आरक्षण स्थिति के आधार पर आगे की रणनीति बना सकेंगे। कई दावेदार लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे थे, लेकिन आरक्षण स्पष्ट नहीं होने के कारण अंतिम फैसला नहीं ले पा रहे थे। अब वार्ड की श्रेणी तय होने के बाद जनसंपर्क और चुनावी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।

जिला परिषद के 57 वार्डों और पंचायत समिति के 386 सदस्य पदों का आरक्षण तय होना चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। इसके बाद प्रशासन की ओर से चुनाव से जुड़ी अन्य तैयारियां आगे बढ़ाई जाएंगी। वहीं राजनीतिक दल भी आरक्षित वार्डों के अनुसार संभावित प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा शुरू कर सकते हैं।

पंचायतीराज चुनाव में आरक्षण व्यवस्था का उद्देश्य विभिन्न वर्गों और महिलाओं को स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व देना है। जयपुर जिले में लॉटरी के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि जिला परिषद और पंचायत समिति के कौन से वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेंगे।

आरक्षण की तस्वीर साफ होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी हलचल बढ़ने की संभावना है। संभावित प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ बैठकें और जनसंपर्क शुरू कर सकते हैं। अब आगामी चुनाव कार्यक्रम और नामांकन प्रक्रिया की तारीखों का इंतजार रहेगा।