SMS हॉस्पिटल में जनजागरूकता पोस्टर पर धार्मिक विवाद, सीनियर डॉक्टरों के WhatsApp ग्रुप में छिड़ी बहस
जयपुर के प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल में एक जनजागरूकता पोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पोस्टर सोशल मीडिया पर साझा होने के बाद अस्पताल के सीनियर फैकल्टी डॉक्टरों के WhatsApp ग्रुप में बहस शुरू हो गई। ग्रुप के सदस्यों ने पोस्टर को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ डॉक्टरों ने सकारात्मक टिप्पणी की, जबकि कुछ ने इस पर आपत्ति जताई।
विवाद उस समय बढ़ गया, जब कुछ सीनियर फैकल्टी सदस्यों ने पोस्टर को धार्मिक नजरिए से देखते हुए हिंदू-मुस्लिम मुद्दे से जोड़कर टिप्पणी की। इतना ही नहीं, कुछ कमेंट्स में ईरान-इजरायल-फिलिस्तीन युद्ध का भी जिक्र किया गया। इससे अस्पताल के डॉक्टरों के बीच चल रही चर्चा ने धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक रंग ले लिया।
WhatsApp ग्रुप में पोस्टर शेयर होने के बाद शुरू हुई बहस
जानकारी के अनुसार, SMS हॉस्पिटल के सीनियर फैकल्टी डॉक्टरों के WhatsApp ग्रुप में जनजागरूकता से जुड़ा एक पोस्टर शेयर किया गया था। पोस्टर सामने आने के बाद ग्रुप के सदस्यों ने उस पर अपनी राय रखनी शुरू कर दी।
कुछ डॉक्टरों ने पोस्टर की सराहना की और इसे जागरूकता से जुड़ा प्रयास माना। वहीं, कुछ सदस्यों ने इसकी विषयवस्तु पर सवाल उठाए और अपनी नाराजगी जाहिर की। धीरे-धीरे कमेंट्स का सिलसिला बढ़ता गया और ग्रुप में अलग-अलग विचार सामने आने लगे।
धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक पहुंची चर्चा
पोस्टर को लेकर शुरू हुई बहस में कुछ सीनियर फैकल्टी डॉक्टरों ने धार्मिक संदर्भों का इस्तेमाल किया। उनकी टिप्पणियों में हिंदू-मुस्लिम मुद्दे के साथ ईरान, इजरायल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष का भी उल्लेख किया गया।
इस तरह एक अस्पताल के जनजागरूकता पोस्टर पर शुरू हुई चर्चा धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दों तक पहुंच गई। ग्रुप में कुछ सदस्यों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जबकि कुछ ने पोस्टर के प्रति अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
अस्पताल में चर्चा का विषय बना मामला
SMS हॉस्पिटल प्रदेश का प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान है, जहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यहां के सीनियर डॉक्टरों के आधिकारिक या पेशेवर संवाद समूह में इस तरह का विवाद चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पोस्टर का विषय, उसे तैयार करने वाले विभाग या व्यक्ति का नाम और डॉक्टरों की ओर से की गई पूरी टिप्पणियों का विवरण नहीं दिया गया है। साथ ही, अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है या नहीं, इसकी जानकारी भी सामने नहीं आई है।
फिलहाल पोस्टर को लेकर डॉक्टरों के बीच हुई बहस और उस पर आई अलग-अलग प्रतिक्रियाओं ने SMS हॉस्पिटल में चर्चा छेड़ दी है।
