राजस्थान सरकारी कर्मचारियों को राहत, फुटेज में जाने RGHS में 2000 रुपए तक की OPD जांच के लिए अब नहीं लेनी होगी पूर्व अनुमति
राजस्थान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। RGHS के तहत अब मरीजों को OPD में होने वाली रूटीन जांचों के लिए पहले जैसी लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी ने इस संबंध में नई गाइडलाइन जारी की है, जो 13 जुलाई यानी सोमवार से लागू हो जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत अब RGHS लाभार्थी OPD में डॉक्टर द्वारा लिखी गई 2 हजार रुपए तक की रूटीन जांचें सीधे करा सकेंगे। इसके लिए अस्पताल या डायग्नोस्टिक सेंटर को पहले RGHS पोर्टल से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे मरीजों को जांच कराने में होने वाली देरी से राहत मिलेगी और इलाज की प्रक्रिया आसान होगी।
अब तक कई मामलों में जांच से पहले पोर्टल पर अनुमति की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, जिसके कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद छोटी और सामान्य जांचों के लिए यह प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है।
हालांकि, यदि जांच का खर्च 2 हजार रुपए से अधिक है तो इसके लिए पुरानी प्रक्रिया जारी रहेगी। ऐसी स्थिति में अस्पताल या संबंधित डॉक्टर को RGHS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पोर्टल से अनुमति मिलने के बाद ही महंगी जांच कराई जा सकेगी।
सरकार ने अनुमति प्रक्रिया को भी समयबद्ध कर दिया है, ताकि मरीजों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। नई गाइडलाइन के अनुसार, TPA (थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर) को तत्काल जांच से जुड़े आवेदन पर अधिकतम एक घंटे के भीतर अप्रूवल देना होगा। वहीं, सामान्य जांचों के लिए आवेदन मिलने के बाद तीन घंटे के अंदर अनुमति देनी होगी।
यदि तय समय सीमा के भीतर TPA की ओर से आवेदन पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो आवेदन को स्वचालित रूप से स्वीकृत माना जाएगा। इससे मरीजों को समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के इस फैसले को RGHS से जुड़े कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को सरल, तेज और पारदर्शी बनाना है, ताकि लाभार्थियों को इलाज के दौरान कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रितों को खासतौर पर OPD जांच के मामलों में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में जांच प्रक्रिया भी अधिक सुचारु हो सकेगी।
