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RCA का सियासी विवाद फिर गहराया, फुटेज में जानें जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की मान्यता रद्द, धनंजय सिंह खींवसर पद से हटे

RCA का सियासी विवाद फिर गहराया, फुटेज में जानें जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की मान्यता रद्द, धनंजय सिंह खींवसर पद से हटे
 
RCA का सियासी विवाद फिर गहराया, फुटेज में जानें जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की मान्यता रद्द, धनंजय सिंह खींवसर पद से हटे

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) से जुड़ा सियासी और प्रशासनिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। जोधपुर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन (JDCA) की मान्यता रद्द कर दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद प्रदेश की राजनीति और क्रिकेट प्रशासन में हलचल मच गई है। फैसले का सीधा असर हेल्थ मिनिस्टर गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर पर पड़ा है, जिन्हें RCA की एडहॉक कमेटी और जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सभी पदों से हटा दिया गया है।

हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, RCA एडहॉक कमेटी द्वारा लिए गए कुछ अहम फैसलों पर भी रोक लगा दी गई है। कोर्ट ने एडहॉक कमेटी के चार सदस्यों के फैसले को स्थगित कर दिया है, जिनके जरिए पूर्व चयन समिति (सिलेक्शन कमेटी) को भंग कर नई चयन समिति का गठन किया गया था। कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब मौजूदा सिलेक्शन कमेटी स्वतः भंग हो गई है और पूर्व सिलेक्शन कमेटी को बहाल कर दिया गया है।

दरअसल, RCA एडहॉक कमेटी ने हाल ही में एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए पुरानी चयन समिति को हटाकर नई चयन समिति का गठन कर दिया था। इस फैसले को लेकर विवाद खड़ा हो गया और मामला अदालत तक पहुंचा। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि एडहॉक कमेटी ने नियमों की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से फैसले लिए हैं। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद प्रथम दृष्टया इन फैसलों को नियमों के विपरीत मानते हुए उन पर रोक लगा दी।

कोर्ट के फैसले के बाद धनंजय सिंह खींवसर ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह कहीं नहीं कहा है कि जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन या धनंजय सिंह खींवसर को डिस्क्वालीफाई किया गया है। उनका कहना है कि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक दबाव और साजिश का नतीजा है, जिसमें उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है।

धनंजय सिंह खींवसर ने यह भी दावा किया कि अदालत का फैसला केवल मान्यता और प्रक्रिया से जुड़ा है, न कि व्यक्तिगत अयोग्यता से। उन्होंने कहा कि वे आगे कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे और अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।

इस फैसले के बाद राजस्थान क्रिकेट की राजनीति में एक बार फिर खेमेबंदी साफ नजर आने लगी है। RCA पहले से ही लंबे समय से विवादों में घिरा रहा है, जहां प्रशासनिक फैसलों में राजनीतिक दखल के आरोप लगते रहे हैं। हाईकोर्ट के ताजा आदेश ने न सिर्फ एडहॉक कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आने वाले समय में RCA के चुनाव और संचालन को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ा दी है।