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रणथंभौर का बाघ टी-2408 अब मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में, बाघिन कनकटी के साथ बनेगी नई जोड़ी

रणथंभौर का बाघ टी-2408 अब मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में, बाघिन कनकटी के साथ बनेगी नई जोड़ी
 
रणथंभौर का बाघ टी-2408 अब मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में, बाघिन कनकटी के साथ बनेगी नई जोड़ी

वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबर है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व का बाघ टी-2408 अब मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट कर दिया गया है। वन अधिकारियों की मौजूदगी में बाघ को मुकुन्दरा की दरा रेंज में स्थित 21 हेक्टेयर के सुरक्षित एनक्लोजर में छोड़ा गया। अब टी-2408 का नया ठिकाना मुकुन्दरा हिल्स होगा और वन्यजीव प्रेमी उसे यहां देख पाएंगे।

सूत्रों के अनुसार, बाघ टी-2408 की आयु करीब 3 वर्ष 9 माह है। वन अधिकारियों ने बताया कि इस बाघ को मुकुन्दरा हिल्स में शिफ्ट करने का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बाघ आबादी का संतुलन बनाए रखना और प्रजनन गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इस नए ठिकाने में टी-2408 की बाघिन कनकटी के साथ जोड़ी बनाई जाएगी, जिससे जंगल में बाघ प्रजनन और जैविक संतुलन को बढ़ावा मिलेगा।

मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघ शिफ्टिंग की प्रक्रिया अत्यंत सावधानी और वैज्ञानिक तरीके से की गई। बाघ को पहले ट्रेंकुलाइजेशन किया गया और उसके बाद सुरक्षित वाहन और विशेषज्ञ टीम के मार्गदर्शन में उसे नए एनक्लोजर तक पहुंचाया गया। वन अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसपोर्ट के दौरान बाघ को किसी भी तरह की चोट या तनाव से बचाने के लिए विशेष कदम उठाए गए।

विशेषज्ञों का कहना है कि बाघों का शिफ्टिंग कार्यक्रम जैविक संतुलन बनाए रखने और विभिन्न रिजर्वों में बाघ आबादी को संतुलित करने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि यह प्रबंधन रणनीति बाघों के प्रजनन और क्षेत्रीय विस्तार के लिए जरूरी है। इससे वन्यजीवों के संरक्षण में भी मदद मिलती है।

स्थानीय वन रक्षक और अधिकारी शिफ्टिंग के दौरान चौकस रहे। उन्होंने पूरे इलाके की निगरानी की और सुनिश्चित किया कि बाघ सुरक्षित रूप से नए एनक्लोजर में प्रवेश करे। वन्यजीव प्रेमियों को भी इस प्रक्रिया में सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया।

रणथंभौर से मुकुन्दरा हिल्स शिफ्ट किए जाने वाले बाघ टी-2408 की कहानी वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सफल प्रयास के रूप में देखी जा रही है। वन अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की शिफ्टिंग से बाघों की संख्या को प्राकृतिक तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है और जंगल में संतुलन बना रहता है।

इस कदम से वन्यजीव प्रेमियों को भी आनंद मिलेगा। अब वे मुकुन्दरा हिल्स में टी-2408 को अपनी बाघिन कनकटी के साथ प्राकृतिक और सुरक्षित वातावरण में देख पाएंगे। वन अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह के प्रयासों से राजस्थान के जंगलों में बाघों की संख्या और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

इस प्रकार, रणथंभौर का बाघ टी-2408 अब मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में सुरक्षित रूप से शिफ्ट हो गया है। वन्यजीव प्रेमियों और अधिकारियों के लिए यह एक प्रेरणादायक कदम है, जो राज्य में बाघ संरक्षण और जैविक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा।