रणथंभौर का टाइगर कूनो नेशनल पार्क में दिखा, फुटेज में जानें चीतों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व से निकलकर एक टाइगर के मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में पहुंचने की पुष्टि हुई है। यह टाइगर रणथंभौर से करीब 90 किलोमीटर दूर कूनो नेशनल पार्क के टिकटोली गेट क्षेत्र में नजर आया है। वन विभाग ने टाइगर की पहचान RBT-2512 के रूप में की है। इस घटनाक्रम के बाद कूनो नेशनल पार्क में मौजूद चीतों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग की चिंता बढ़ गई है।
वन अधिकारियों के अनुसार, यह टाइगर करीब तीन से चार महीने पहले रणथंभौर टाइगर रिजर्व से बाहर निकला था। माना जा रहा है कि रणथंभौर में बाघों की संख्या बढ़ने के कारण युवा बाघ अब नई टैरिटरी की तलाश में बाहर निकल रहे हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ समय से रणथंभौर के बाघ राजस्थान की सीमाओं को पार कर मध्य प्रदेश के जंगलों की ओर रुख कर रहे हैं।
टाइगर के कूनो में होने की जानकारी गुरुवार सुबह सामने आई, जब टिकटोली गेट से फ्लाइंग कैट सफारी पर निकले पर्यटकों को जंगल के भीतर एक टाइगर दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टाइगर पहले जंगल में बैठा हुआ था। जैसे ही सफारी जिप्सी उसके पास पहुंची, वह उठकर चलने लगा और कुछ ही देर में घने जंगल में ओझल हो गया। इसके बाद वन विभाग को इसकी सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही कूनो नेशनल पार्क और रणथंभौर टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के बीच समन्वय शुरू किया गया। कैमरा ट्रैप और अन्य तकनीकी साधनों की मदद से टाइगर की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग का मानना है कि यह टाइगर कूनो क्षेत्र में ज्यादा समय तक ठहर सकता है, क्योंकि यहां पर्याप्त जंगल और शिकार उपलब्ध है।
हालांकि, कूनो नेशनल पार्क में पहले से मौजूद चीतों को लेकर वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। अधिकारियों का कहना है कि टाइगर और चीते एक ही क्षेत्र में होने से चीतों के लिए खतरा बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए चीतों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना इस बात का संकेत है कि रणथंभौर जैसे टाइगर रिजर्व में बाघों की आबादी दबाव की स्थिति में है। युवा बाघों का बाहर निकलना प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष और अन्य प्रजातियों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल वन विभाग की प्राथमिकता टाइगर और चीतों, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
