राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, वीडियो में जाने यूपी सरकार से मांगी SIT की स्टेटस रिपोर्ट; CCTV सुरक्षित रखने के निर्देश
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी करते हुए मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि मामले से जुड़े सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखे जाएं, ताकि जांच के दौरान किसी महत्वपूर्ण साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो।
SIT की संरचना और जांच अधिकारियों की जानकारी मांगी
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि स्टेटस रिपोर्ट में केवल जांच की प्रगति ही नहीं, बल्कि SIT के गठन, उसकी संरचना और जांच अधिकारियों की पूरी जानकारी भी शामिल होनी चाहिए। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत की जाएगी। इस पर कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट में जांच एजेंसी और जांच अधिकारियों से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए।
20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 तय की है। अदालत फिलहाल इस प्रकरण से जुड़ी चार अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही है।इन याचिकाओं में प्रमुख रूप से चढ़ावा चोरी की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की मांग की गई है। इसके अलावा, मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे के प्रबंधन, पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा के लिए विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र समिति गठित करने की भी मांग उठाई गई है।
चढ़ावे के प्रबंधन पर भी उठे सवाल
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि देशभर से श्रद्धालुओं द्वारा बड़ी मात्रा में मंदिर में दान और चढ़ावा दिया जाता है। ऐसे में इसके संग्रह, सुरक्षा और लेखा-जोखा की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से दान प्रबंधन की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग अदालत के समक्ष रखी गई है।सुप्रीम कोर्ट के नोटिस और जांच रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद अब इस मामले पर सभी की नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।
दूसरी ओर, राम मंदिर ट्रस्ट ने निकाली CEO पद पर भर्ती
इधर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। ट्रस्ट की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार, आवेदन करने वाले उम्मीदवार की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए और स्नातक (Graduation) शैक्षिक योग्यता अनिवार्य है।इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। ट्रस्ट का मानना है कि नए CEO की नियुक्ति से मंदिर प्रशासन और प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
अगली सुनवाई पर टिकी निगाहें
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट की सक्रियता के बाद अब जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें हैं। 20 जुलाई को होने वाली सुनवाई में SIT की रिपोर्ट और अदालत की टिप्पणियां इस पूरे मामले की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।
