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पुष्कर में महंत धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर राजस्थान की सियासत गरमाई

पुष्कर में महंत धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर राजस्थान की सियासत गरमाई
 
पुष्कर में महंत धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर राजस्थान की सियासत गरमाई

राजस्थान की धार्मिक नगरी पुष्कर में पहली बार हनुमंत कथा कर रहे बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान ने राज्य की सियासत में तहलका मचा दिया है। सोमवार, 23 फरवरी को कथा के पहले दिन उन्होंने हिंदुओं से कम से कम चार बच्चे पैदा करने की सलाह दी, जिससे नए विवाद ने जन्म लिया।

महंत धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में गर्माहट बढ़ गई। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और सत्ताधारी भाजपा (BJP) के नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस नेताओं ने इसे सामाजिक दृष्टि से चिंताजनक बताया और राज्य में बढ़ती जनसंख्या और संसाधनों पर प्रभाव को लेकर सवाल उठाए। वहीं, भाजपा नेताओं ने इसे धार्मिक दृष्टिकोण से परिवार निर्माण और संतानों के महत्व को समझाने वाला बयान बताया।

विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक नेताओं के इस तरह के सुझाव अक्सर सामाजिक बहस को जन्म देते हैं और जनता में विचारों के मतभेद को उजागर करते हैं। पुष्कर जैसे धार्मिक शहरों में ऐसे बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन जाते हैं।

महंत धीरेंद्र शास्त्री की यह हनुमंत कथा धार्मिक आयोजन और भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र भी रही। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिन्होंने महंत के शब्दों को ध्यान से सुना।

राजस्थान में इस बयान ने न केवल धार्मिक बहस को जन्म दिया है, बल्कि आगामी चुनाव और राजनीतिक रणनीतियों पर भी असर डाल सकता है। इस तरह के बयान अक्सर मीडिया और सोशल मीडिया में वायरल हो जाते हैं, जिससे सियासी दलों के लिए जनता की राय और प्रतिक्रिया को समझना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।