Aapka Rajasthan

राजस्थान के सबसे लंबे गहलोद ब्रिज की आज अग्निपरीक्षा, वीडियो में देंखे 243 टन वजन से होगा लोड टेस्ट, 30 KM का सफर होगा आसान

राजस्थान के सबसे लंबे गहलोद ब्रिज की आज अग्निपरीक्षा, वीडियो में देंखे 243 टन वजन से होगा लोड टेस्ट, 30 KM का सफर होगा आसान
 
राजस्थान के सबसे लंबे गहलोद ब्रिज की आज अग्निपरीक्षा, वीडियो में देंखे 243 टन वजन से होगा लोड टेस्ट, 30 KM का सफर होगा आसान

राजस्थान में नदी पर बने सबसे लंबे हाई लेवल गहलोद ब्रिज की आज बड़ी परीक्षा होने जा रही है। टोंक जिले में बनास नदी पर तैयार किए गए इस विशाल पुल का लोड टेस्ट किया जा रहा है, जिसके जरिए इसकी मजबूती और गुणवत्ता की जांच होगी। इस टेस्ट के तहत पुल पर 243 टन वजन वाले 9 भारी ट्रकों को लगातार 24 घंटे तक खड़ा रखा जाएगा।करीब 135 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस हाई लेवल ब्रिज को राजस्थान के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में माना जा रहा है। पुल बनने से टोंक और आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस पुल के शुरू होने के बाद लोगों का करीब 30 किलोमीटर तक का अतिरिक्त सफर कम हो जाएगा।

जानकारी के मुताबिक लोड टेस्ट के दौरान सभी ट्रकों को तय स्थानों पर खड़ा किया जाएगा और इंजीनियरों की टीम लगातार पुल की स्थिति पर नजर रखेगी। 24 घंटे पूरे होने के बाद ट्रकों को एक-एक घंटे के अंतराल पर हटाया जाएगा। इस दौरान यह देखा जाएगा कि पुल वजन हटने के बाद अपने मूल स्तर पर कितना वापस लौटता है।विशेषज्ञों के अनुसार यदि पुल वजन हटने के बाद 85 प्रतिशत तक अपनी मूल स्थिति में लौट आता है, तो इसे सुरक्षित और गुणवत्ता पूर्ण निर्माण माना जाएगा। यह प्रक्रिया किसी भी बड़े पुल को आम जनता के लिए खोलने से पहले बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

इंजीनियरों का कहना है कि इस तरह का लोड टेस्ट पुल की संरचनात्मक मजबूती और दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है। पुल पर भारी वाहनों का दबाव पड़ने के बाद उसकी प्रतिक्रिया को तकनीकी उपकरणों की मदद से रिकॉर्ड किया जाएगा।गहलोद ब्रिज के बनने से सबसे बड़ा फायदा बारिश के मौसम में मिलेगा। अब तक बनास नदी में पानी बढ़ने पर कई बार रास्ते बंद हो जाते थे, जिससे लोगों को लंबा चक्कर लगाकर सफर करना पड़ता था। लेकिन हाई लेवल ब्रिज बनने के बाद बरसात के दौरान भी आवागमन प्रभावित नहीं होगा।

स्थानीय लोगों में इस पुल को लेकर काफी उत्साह है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस पुल की जरूरत महसूस की जा रही थी। खासकर किसानों, व्यापारियों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को इससे बड़ा लाभ मिलेगा।प्रशासन का कहना है कि लोड टेस्ट सफल होने के बाद जल्द ही पुल को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद टोंक क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। राजस्थान में लगातार विकसित हो रहे सड़क और पुल नेटवर्क के बीच गहलोद ब्रिज को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आज होने वाला यह महत्वपूर्ण लोड टेस्ट कितनी सफलता के साथ पूरा होता है।