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राजस्थान में दिवाली पर 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है कारोबार, पिछले साल से 25% बढ़ोतरी का अनुमान

राजस्थान में दिवाली पर 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है कारोबार, पिछले साल से 25% बढ़ोतरी का अनुमान
 
राजस्थान में दिवाली पर 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है कारोबार, पिछले साल से 25% बढ़ोतरी का अनुमान

राजस्थान में इस बार दीपावली पर बाजारों में जमकर खरीदारी होने की उम्मीद है। तीन साल बाद दीपावली महीने की शुरुआत में पड़ने से प्रदेश का फेस्टिव कारोबार 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक, इस बार त्योहार के दौरान 47,500 करोड़ से 50,000 करोड़ रुपये तक की बिक्री हो सकती है। पिछले साल प्रदेश में दीपावली के दौरान करीब 38 हजार से 40 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। इस लिहाज से इस बार बिक्री में लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

इस तेजी की प्रमुख वजह 8 नवंबर को दीपावली का होना बताया जा रहा है। महीने की शुरुआत में त्योहार आने से नौकरीपेशा लोगों के पास वेतन और त्योहार से पहले मिलने वाले बोनस का पैसा खरीदारी के लिए उपलब्ध रहेगा। इससे बाजार में मांग बढ़ने और कारोबारियों को बेहतर बिक्री मिलने की उम्मीद है।

महीने की शुरुआत में त्योहार, बाजार को मिलेगा फायदा

दीपावली के दौरान लोग कपड़े, मिठाइयां, इलेक्ट्रॉनिक्स, आभूषण, वाहन, बर्तन और घर की सजावट से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। कई परिवार इस अवसर पर नए घरेलू उपकरण और महंगे सामान खरीदने की योजना बनाते हैं। त्योहार से पहले कंपनियों और संस्थानों की ओर से बोनस मिलने पर खरीदारी का बजट भी बढ़ सकता है।

इस बार दीपावली महीने की शुरुआत में होने से लोगों को वेतन मिलने के तुरंत बाद खरीदारी करने का अवसर मिलेगा। इससे बाजार में शुरुआती दिनों से ही ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। दुकानदार भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष छूट, कॉम्बो ऑफर और अन्य योजनाएं पेश कर सकते हैं।

क्या है फ्रंट-लोडेड लिक्विडिटी?

अर्थशास्त्र में इस स्थिति को ‘फ्रंट-लोडेड लिक्विडिटी’ कहा जाता है। इसका अर्थ है कि महीने की शुरुआत में ही लोगों के पास खर्च करने के लिए पैसा उपलब्ध हो जाना। जब वेतन और बोनस जैसे भुगतान त्योहार के आसपास मिलते हैं, तो लोग अपनी खरीदारी पहले ही कर सकते हैं।

दीपावली जैसे बड़े त्योहार के दौरान इसका असर खुदरा बाजार पर पड़ सकता है। कपड़े, जूते, मोबाइल, टीवी, घरेलू उपकरण, सोना-चांदी और वाहन जैसे क्षेत्रों में मांग बढ़ने की संभावना रहती है। मिठाई, उपहार, सजावटी सामान और रोशनी से जुड़े कारोबार को भी इससे फायदा मिल सकता है।

पिछले साल से ज्यादा कारोबार की उम्मीद

पिछले साल के 38 हजार से 40 हजार करोड़ रुपये के अनुमानित कारोबार की तुलना में इस बार 47,500 करोड़ से 50,000 करोड़ रुपये तक की बिक्री का लक्ष्य बाजार के लिए उत्साहजनक संकेत है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो राजस्थान के फेस्टिव कारोबार में करीब 25 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।

हालांकि, वास्तविक बिक्री ग्राहकों की मांग, वस्तुओं की कीमतों, बाजार की परिस्थितियों और उपलब्ध ऑफर पर निर्भर करेगी। फिलहाल व्यापारियों को उम्मीद है कि महीने की शुरुआत में दीपावली आने और खरीदारी के लिए पैसा उपलब्ध रहने से इस बार प्रदेश के बाजारों में अच्छी रौनक देखने को मिलेगी।