चारधाम यात्रा से पहले राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी, फर्जी बुकिंग से रहें सतर्क
चारधाम यात्रा से पहले राजस्थान पुलिस ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को ऑनलाइन फर्जी बुकिंग, ठगी और साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पुलिस ने कहा है कि यात्रा के नाम पर कई फर्जी वेबसाइट और एजेंट सक्रिय हो जाते हैं, जो सस्ते पैकेज और झूठे ऑफर देकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं।
यह एडवाइजरी Rajasthan पुलिस द्वारा उन श्रद्धालुओं को ध्यान में रखकर जारी की गई है जो हर साल उत्तराखंड स्थित पवित्र चारधाम यात्रा के लिए बड़ी संख्या में रवाना होते हैं। पुलिस का कहना है कि यात्रा सीजन शुरू होने के साथ ही साइबर अपराधी सक्रिय हो जाते हैं और सोशल मीडिया, वेबसाइट तथा कॉल्स के जरिए फर्जी बुकिंग का जाल फैलाते हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि Rajasthan Police द्वारा किसी भी अनधिकृत एजेंट या वेबसाइट को मान्यता नहीं दी गई है। इसलिए यात्रियों को केवल आधिकारिक पोर्टल या प्रमाणित ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से ही बुकिंग कराने की सलाह दी गई है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या अग्रिम भुगतान करने से पहले पूरी जांच करने को कहा गया है।
एडवाइजरी में यह भी बताया गया है कि ठग लोग आकर्षक ऑफर जैसे कम कीमत में हेलीकॉप्टर सेवा, VIP दर्शन या विशेष पैकेज का झांसा देकर लोगों से पैसे वसूल लेते हैं। बाद में या तो सेवा मिलती ही नहीं या फिर यात्री ठगी का शिकार हो जाते हैं।
पुलिस ने यात्रियों को सुझाव दिया है कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी, आधार कार्ड, बैंक डिटेल्स और ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट के साथ साझा न करें। साथ ही सोशल मीडिया पर आने वाले अनverified ट्रैवल विज्ञापनों से भी सावधान रहने की अपील की गई है।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक यात्राओं के दौरान इस तरह की धोखाधड़ी के मामले हर साल सामने आते हैं। इसलिए लोगों को डिजिटल सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। अगर किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की एडवाइजरी का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और यात्रा को सुरक्षित बनाना है। चारधाम यात्रा एक पवित्र और महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा है, जिसमें हर साल लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और साइबर सुरक्षा दोनों ही बेहद जरूरी हो जाती हैं।
कुल मिलाकर, राजस्थान पुलिस की यह एडवाइजरी श्रद्धालुओं को फर्जी बुकिंग और ऑनलाइन ठगी से बचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। यात्रियों को सावधानी बरतने और केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही यात्रा की योजना बनाने की सख्त सलाह दी गई है।
