JE भर्ती-2020 पेपर लीक प्रकरण में राजस्थान पुलिस का बड़ा खुलासा, सहायक अभियंता गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कनिष्ठ अभियंता (JE) संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 के पेपर लीक प्रकरण में एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह मामला पहले से ही चर्चा में था, क्योंकि JE भर्ती-2020 का पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई थी। लेकिन जांच में सामने आया कि सप्तंबर 2021 में आयोजित दोबारा परीक्षा में भी पेपर लीक हुआ था।
एसओजी की जांच में इस बार जालौर जिले के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि पेपर लीक के जाल में कई लोग शामिल थे, जिनमें PWD में कार्यरत सहायक अभियंता गणपत लाल बिश्नोई भी शामिल हैं। गणपत लाल बिश्नोई, पुत्र गोवर्धन राम, उम्र 34 वर्ष, निवासी डेडवा सांचोर, को गिरफ्तार किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, गणपत लाल बिश्नोई ने पेपर लीक के दम पर मेरिट सूची में 12वां स्थान हासिल किया था। इसके बाद उन्हें PWD में सहायक अभियंता के पद पर नियुक्त किया गया। एसओजी के अधिकारियों ने बताया कि यह गिरफ्तारी भ्रष्टाचार और परीक्षा प्रणाली में पैठ बनाने वाले माफिया के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।
एसओजी अधिकारी ने कहा कि इस मामले की जांच में पता चला कि कई अन्य लोग और एजेंट इस नेटवर्क से जुड़े थे, जिन्होंने पेपर की चोरी और वितरण में सक्रिय भूमिका निभाई। जांच में मिली जानकारी के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में यह गिरोह अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराता था, जिससे उम्मीदवार उच्च अंक प्राप्त कर पाते थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले शिक्षा और भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता को चुनौती देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तो यह भ्रष्टाचार और काले नेटवर्क को और मजबूत करता। इस मामले में एसओजी की कार्रवाई को न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला कदम माना जा रहा है।
राजस्थान में यह मामला शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक चेतावनी है। इससे स्पष्ट होता है कि परीक्षा माफिया सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लंबे समय तक भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
एसओजी ने यह भी कहा कि अब संबंधित सभी दस्तावेज और डिजिटल प्रमाण जुटाए जा रहे हैं, ताकि नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा, भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए नए उपाय किए जाएंगे।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने यह चेतावनी भी दी है कि किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार की गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और भविष्य में ऐसे नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार निगरानी रखी जाएगी।
इस गिरफ्तारी और खुलासे के बाद यह मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि एसओजी की इस कार्रवाई से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि अन्य उम्मीदवारों और सरकारी विभागों को पारदर्शिता और जिम्मेदारी का संदेश भी मिलेगा।
