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राजस्थान में नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को मुफ्त पुस्तकें उपलब्ध कराने की योजना

राजस्थान में नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को मुफ्त पुस्तकें उपलब्ध कराने की योजना
 
राजस्थान में नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को मुफ्त पुस्तकें उपलब्ध कराने की योजना

राजस्थान सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। नए सत्र में कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यार्थियों को और कक्षा 9 से 12 तक के पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्क पुस्तकें प्रदान की जाएंगी। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य है कि सभी छात्र समान अवसर के साथ पढ़ाई कर सकें और किसी भी आर्थिक बाधा के कारण शिक्षा से वंचित न रहें। नि:शुल्क पुस्तकों के वितरण से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर वित्तीय बोझ कम होगा और पढ़ाई में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।

कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को सभी आवश्यक पाठ्यपुस्तकें स्कूल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं, कक्षा 9 से 12 के लिए यह सुविधा पात्रता के आधार पर दी जाएगी। उच्च कक्षाओं में पात्रता तय करने के लिए आर्थिक स्थिति और सामाजिक मानदंडों को ध्यान में रखा गया है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि पुस्तकों का वितरण सत्र शुरू होने से पहले सुनिश्चित किया जाएगा ताकि बच्चे समय पर अपनी पढ़ाई शुरू कर सकें। स्कूल प्रशासन और शिक्षक इस योजना के सफल क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाएंगे।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पहल से न केवल विद्यार्थियों की शिक्षा में सुधार होगा, बल्कि शिक्षा में समानता और समावेशिता भी बढ़ेगी। गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चे अब आसानी से पाठ्यपुस्तकों तक पहुंच सकेंगे और शिक्षा में पिछड़ने का खतरा कम होगा।

राजस्थान सरकार की यह योजना राज्य के शैक्षणिक सुधारों का हिस्सा है। इससे बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और स्कूलों में नियमित उपस्थिति को भी प्रोत्साहन मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक योजना से बच्चों के मनोबल में सुधार होगा और वे पढ़ाई में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेंगे।

स्कूल और शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए बच्चों के साथ सहयोग करें। वहीं, अभिभावक भी खुश हैं कि अब उनकी आर्थिक जिम्मेदारी कम होगी और उनके बच्चों को गुणवत्ता वाली शिक्षा मिलने में मदद मिलेगी।

इस प्रकार, राजस्थान में नए सत्र में नि:शुल्क पुस्तकें वितरण योजना राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदम साबित होगी। इससे विद्यार्थियों को समान अवसर मिलेंगे और वे अपने शैक्षणिक लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।