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राजस्थान: खर्चा ब्योरा न देने वाले पंच-सरपंचों के लिए दोबारा चुनाव लड़ने पर हो सकती है रोक

 
राजस्थान: खर्चा ब्योरा न देने वाले पंच-सरपंचों के लिए दोबारा चुनाव लड़ने पर हो सकती है रोक

राजस्थान में पिछले पंचायत चुनावों में खर्चे का ब्योरा नहीं देने वाले पंच और सरपंचों के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया जा सकता है। राज्य चुनाव आयोग (SEC) ऐसे प्रत्याशियों की सूची मंगाने के लिए जल्द ही जिला कलेक्टरों को दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। इसके बाद ऐसे उम्मीदवारों पर दोबारा चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आयोग का कहना है कि चुनावी खर्चों का ब्योरा समय पर प्रस्तुत न करना गंभीर उल्लंघन माना जाता है। नियमों के तहत, यदि कोई पंच या सरपंच अपने खर्च का पूरा ब्योरा नहीं देता है, तो उसे आगामी चुनावों में प्रत्याशी बनने से रोका जा सकता है।

राज्य चुनाव आयोग अब प्रत्येक जिले के कलेक्टरों से ऐसे प्रत्याशियों की सूची मांग सकता है। सूची प्राप्त होने के बाद आयोग यह तय करेगा कि कौन से पंच और सरपंच नियमों का उल्लंघन कर चुके हैं और किन पर आगामी पंचायत चुनाव में रोक लगाई जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम पंचायत चुनावों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अहम है। इससे यह संदेश जाएगा कि चुनावी खर्चों का सही ब्योरा प्रस्तुत करना प्रत्याशियों की जिम्मेदारी है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर इस बार रोक लागू होती है, तो कई क्षेत्रों में नए चेहरे चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। वहीं, जो पंच और सरपंच नियमों का पालन करेंगे, उन्हें जनता और प्रशासन से समर्थन मिलने की संभावना अधिक होगी।

राजस्थान चुनाव आयोग की ओर से अगले कुछ हफ्तों में इस दिशा-निर्देश को जिला कलेक्टरों तक पहुंचाने की संभावना है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कितने प्रत्याशियों पर दोबारा चुनाव लड़ने की रोक लग सकती है।