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राजस्थान निकाय चुनाव: BJP में टिकट बंटवारे पर मंथन जारी, 29 अगस्त तक 90% प्रत्याशियों का ऐलान

 
राजस्थान निकाय चुनाव: BJP में टिकट बंटवारे पर मंथन जारी, 29 अगस्त तक 90% प्रत्याशियों का ऐलान

राजस्थान में होने वाले 309 नगर निकायों के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी में प्रत्याशियों के चयन और टिकट वितरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। पार्टी स्तर पर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है और अलग-अलग संभागों में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन किया जा रहा है। टिकट को लेकर दावेदारों की बढ़ती संख्या के बीच पार्टी नेतृत्व जीत की संभावना, स्थानीय समीकरण और संगठन में सक्रियता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर प्रत्याशियों का चयन कर रहा है।

जयपुर संभागीय चुनाव संचालन समिति के प्रभारी और जयपुर नगर निगम के पर्यवेक्षक बनाए गए भाजपा नेता प्रभुलाल सैनी ने टिकट वितरण को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से अधिकांश सीटों पर प्रत्याशियों के नाम जल्द घोषित कर दिए जाएंगे। सैनी के मुताबिक 29 अगस्त तक करीब 90 प्रतिशत सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिन सीटों पर किसी तरह का बड़ा विवाद नहीं है, वहां प्रत्याशियों के नाम तय करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। वहीं कुछ सीटों पर दावेदारों के बीच छोटा-मोटा विवाद या सहमति का अभाव है, तो उसे भी जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे मामलों में हर हाल में 30 अगस्त तक टिकटों का ऐलान कर दिया जाएगा। पार्टी की कोशिश है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को पर्याप्त समय मिल सके।

टिकट को लेकर दावेदारों में बढ़ी हलचल

जयपुर नगर निगम सहित विभिन्न निकायों में भाजपा के टिकट के लिए बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दावेदारी पेश की है। जयपुर में 150 वार्डों के लिए करीब 2500 लोगों ने टिकट की मांग की है। इनमें भाजपा से बड़ी संख्या में महिला दावेदार भी शामिल हैं। पार्टी प्रत्याशी चयन में केवल आवेदन को आधार नहीं बना रही, बल्कि सर्वे, स्थानीय पकड़ और चुनाव जीतने की क्षमता को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बगावत रोकने पर भी पार्टी का फोकस

टिकट वितरण के साथ भाजपा नेतृत्व की नजर संभावित बगावत पर भी है। जिन नेताओं या कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं मिलेगा, उन्हें मनाने के लिए पार्टी ने डैमेज कंट्रोल की रणनीति तैयार की है। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर नेताओं को जिम्मेदारी दी जा रही है, ताकि टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में न उतरें और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ माहौल न बनाएं।

राजस्थान के निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। वहीं आम आदमी पार्टी ने जयपुर में भाजपा और कांग्रेस से पहले अपने कुछ प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। इससे दोनों प्रमुख दलों पर जल्द प्रत्याशियों की घोषणा करने का दबाव भी बढ़ गया है।

नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ अब भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती सभी सीटों पर समय रहते प्रत्याशी तय करने और टिकट वितरण के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष को नियंत्रित करने की है। प्रभुलाल सैनी के बयान के बाद माना जा रहा है कि अगले दो-तीन दिनों में भाजपा की ओर से बड़ी संख्या में प्रत्याशियों के नाम सामने आ सकते हैं।