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राजस्थान में विधायकों की सैलरी बढ़ाने की तैयारी, डीए की तर्ज पर वेतन बढ़ोतरी का सुझाव; CMO को भेजी रिपोर्ट

राजस्थान में विधायकों की सैलरी बढ़ाने की तैयारी, डीए की तर्ज पर वेतन बढ़ोतरी का सुझाव; CMO को भेजी रिपोर्ट
 
राजस्थान में विधायकों की सैलरी बढ़ाने की तैयारी, डीए की तर्ज पर वेतन बढ़ोतरी का सुझाव; CMO को भेजी रिपोर्ट

राजस्थान में विधायकों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई है। संसदीय कार्य विभाग ने विधायकों के वेतन-भत्तों से जुड़े प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद रिपोर्ट तैयार की है। इसमें महंगाई भत्ते यानी डीए की तर्ज पर विधायकों के वेतन में समय-समय पर बढ़ोतरी करने जैसे सुझाव शामिल किए गए हैं।

विधायकों के वेतन में संशोधन को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। अब संसदीय कार्य विभाग की स्टडी रिपोर्ट CMO को भेजे जाने के बाद इस मुद्दे पर आगे फैसला लिए जाने की संभावना है।

डीए की तर्ज पर बढ़ोतरी का सुझाव

रिपोर्ट में विधायकों के वेतन को महंगाई और समय के साथ बढ़ती जरूरतों से जोड़ने का सुझाव दिया गया है। इसके लिए सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते की तर्ज पर विधायकों के वेतन में भी समय-समय पर संशोधन किए जाने की बात सामने आई है।

यदि इस सुझाव को मंजूरी मिलती है तो विधायकों का वेतन एक निश्चित अंतराल के बाद बढ़ सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला सरकार और संबंधित प्रक्रिया के बाद ही होगा।

संसदीय कार्य विभाग ने की स्टडी

विधायकों के वेतन-भत्तों को लेकर संसदीय कार्य विभाग ने विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया। इसमें वर्तमान वेतन व्यवस्था, भत्ते और दूसरे राज्यों में विधायकों को मिलने वाली सुविधाओं समेत कई बिंदुओं पर विचार किया गया।

स्टडी पूरी होने के बाद विभाग ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी है। अब सरकार इस रिपोर्ट में दिए गए सुझावों पर विचार करेगी।

अंतिम फैसला सरकार को करना है

रिपोर्ट तैयार होने और CMO को भेजे जाने के बावजूद अभी विधायकों के वेतन में बढ़ोतरी का अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। सरकार रिपोर्ट के सुझावों पर विचार करने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी।

यदि वेतन-भत्तों में बदलाव का फैसला लिया जाता है तो इसके लिए जरूरी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।

दूसरे राज्यों की व्यवस्था का भी अध्ययन

विधायकों के वेतन और भत्तों को लेकर अलग-अलग राज्यों में अलग व्यवस्था है। संसदीय कार्य विभाग की स्टडी में अन्य राज्यों की व्यवस्था को भी आधार बनाया गया है। इसी के आधार पर राजस्थान में विधायकों के वेतन को महंगाई के अनुरूप संशोधित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया है।

अब मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर पर रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आगे की दिशा तय होगी। यदि सरकार प्रस्ताव को आगे बढ़ाती है तो आने वाले समय में राजस्थान के विधायकों के वेतन-भत्तों में बदलाव देखने को मिल सकता है।