राजस्थान विधानसभा में गहमागहमी, मंत्री संजय शर्मा की फटी शर्ट बनी सियासी बहस का बड़ा मुद्दा
राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है और पहले की तरह सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं। एक बार फिर सदन में आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि सत्ता पक्ष सदन में राहुल गांधी पर निशाना साध रहा है, वहीं विपक्ष नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलता नजर आ रहा है। ऐसे में बुधवार (3 सितंबर) को सदन में अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, मानो कुछ अनहोनी हो गई हो। विधायक शत्रुघ्न गौतम ने भी कहा कि अगर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित नहीं की होती, तो अप्रिय स्थिति पैदा हो सकती थी।
क्या हुआ?
दरअसल, बुधवार को विधानसभा में पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने स्मार्ट मीटर और फिर झालावाड़ में एक स्कूल की छत गिरने से हुए हादसे में मारे गए बच्चों के परिवारों को मुआवजे के मुद्दे पर सदन में अपनी बात रखी। जब सदन में दूसरी बार हंगामा हुआ, तो सत्ता पक्ष की ओर से राहुल गांधी के व्यवहार और उनकी भाषा को लेकर नारेबाजी शुरू हो गई। इस बीच, सदन के बाहर अलवर में परंपरागत प्रतिद्वंदी रहे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और वन राज्य मंत्री संजय शर्मा के बीच तीखी बहस हो गई। मामला बढ़ने पर दोनों एक-दूसरे की तरफ देखते हुए ज़ोर-ज़ोर से बोलने और नारेबाजी करने लगे। कुछ देर बाद हालात ऐसे हो गए कि दोनों नेता सदन के वेल में आ गए और एक-दूसरे की ओर बढ़ने लगे।
मंत्री संजय शर्मा की फटी कमीज़
अध्यक्ष वासुदेव देवनानी दोनों को रोकने के निर्देश देते रहे। इधर सदन में दोनों पक्षों के साथी विधायकों और मंत्रियों ने दोनों नेताओं को रोका। फिर साथी मंत्री संजय शर्मा को पकड़कर ले जाने लगे, लेकिन जब साथी मंत्रियों ने उन्हें रोका तो मंत्री संजय शर्मा की कमीज़ फट गई। माहौल गरमाता देख अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन की बैठक स्थगित कर दी। इसके बाद सत्ता पक्ष के विधायकों ने विपक्ष के व्यवहार पर सवाल उठाए तो विपक्ष ने भी सत्ता पक्ष के व्यवहार पर सवाल उठाए। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह ने विपक्ष के व्यवहार को पूरी तरह गैरजिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि विपक्ष सार्थक मुद्दों पर बहस करेगा तो सरकार भी मजबूती से जवाब देगी।
