राजस्थान हाईकोर्ट ने 9.39 करोड़ रुपए जीएसटी चोरी मामले में अरुण जिंदल की जमानत बरकरार रखी
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने 9.39 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी के बहुचर्चित मामले में आरोपी अरुण जिंदल को ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को बरकरार रखने का आदेश दिया है। जस्टिस प्रवीण भटनागर की एकलपीठ ने केंद्र सरकार की जमानत रद्द करने की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि केवल धनराशि जमा कराने के आधार पर जमानत देना या रद्द करना मशीनी प्रक्रिया नहीं हो सकती। कोर्ट ने मामले की सुनवाई में आरोपी के आचरण, हिरासत अवधि, सह-आरोपियों की स्थिति और जमानत दुरुपयोग की संभावना जैसे पहलुओं को निर्णायक माना।
हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि जमानत पर निर्णय लेते समय केवल वित्तीय मापदंड को आधार नहीं बनाया जा सकता, बल्कि मामले की संपूर्ण परिस्थितियों और कानूनी तर्क को ध्यान में रखना आवश्यक है।
अधिकारियों ने बताया कि इस आदेश के बाद अरुण जिंदल के लिए जमानत की वैधता बनी रहेगी और ट्रायल प्रक्रिया में आरोपी को सुनवाई में हिस्सा लेने की अनुमति रहेगी। यह फैसला न्यायिक विवेक और प्रक्रियागत संतुलन का उदाहरण माना जा रहा है।
