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राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2025 लेवल-वन की नियुक्तियों पर अंतरिम रोक

राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2025 लेवल-वन की नियुक्तियों पर अंतरिम रोक
 
राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2025 लेवल-वन की नियुक्तियों पर अंतरिम रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2025 के लेवल-वन पदों पर नियुक्तियां देने की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने यह आदेश महेंद्र कुमार और अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया।

कोर्ट के इस आदेश के बाद शिक्षक भर्ती-2025 के लेवल-वन पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है। मामले की अगली सुनवाई तक सरकार और संबंधित विभाग को नियुक्तियों पर आगे की कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

याचिकाकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में भर्ती के नियमों और चयन प्रक्रिया से जुड़े कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में कुछ खामियां हैं, जिनका असर अभ्यर्थियों के चयन और नियुक्ति पर पड़ सकता है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले के सभी पहलुओं को देखते हुए फिलहाल नियुक्तियों पर रोक लगाने का आदेश दिया। कोर्ट ने संबंधित पक्षों से जवाब भी मांगा है। अब इस मामले में आगे की सुनवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2025 को लेकर प्रदेश के हजारों अभ्यर्थियों की नजरें लगी हुई हैं। लेवल-वन पदों के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने आवेदन किया था और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद चयनित अभ्यर्थियों में चिंता बढ़ गई है।

वहीं, शिक्षा विभाग की ओर से अब कोर्ट के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग को भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज और नियमों के आधार पर अपना पक्ष अदालत में रखना होगा।

गौरतलब है कि राजस्थान में शिक्षक भर्तियों को लेकर पहले भी कई बार कानूनी विवाद सामने आते रहे हैं। अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर अदालत का रुख करते रहे हैं।

फिलहाल हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2025 के लेवल-वन पदों पर नियुक्तियों पर रोक जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई के बाद ही यह तय होगा कि भर्ती प्रक्रिया आगे किस दिशा में जाएगी।