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राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने न्यायिक काम-काज का किया बहिष्कार, बार काउंसिल नाराजगी के पीछे वजह जानें

राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने न्यायिक काम-काज का किया बहिष्कार, बार काउंसिल नाराजगी के पीछे वजह जानें
 
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने न्यायिक काम-काज का किया बहिष्कार, बार काउंसिल नाराजगी के पीछे वजह जानें

राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने आज, 5 जनवरी, 2026 को न्यायिक काम-काज का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इस निर्णय के साथ ही हाईकोर्ट के वकीलों और अधिवक्ताओं ने अपने पेशेवर कर्तव्यों को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इस कदम के पीछे बार काउंसिल की नाराजगी और न्यायिक प्रशासन से जुड़ी कुछ प्रमुख मांगें बताई जा रही हैं।

बार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि उनका यह बहिष्कार उच्च न्यायालय में वकीलों के साथ हो रहे व्यवहार और न्यायिक प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर किया गया है। वकीलों का कहना है कि अदालत में बार और वकीलों के साथ किए जा रहे व्यवहार में कई बार अनदेखी और असहमति होती रही है। इसके अलावा, वकीलों ने यह भी कहा कि न्यायालय में मामलों की तेजी से सुनवाई और पर्याप्त संसाधनों की कमी ने पेशेवर कामकाज को प्रभावित किया है।

वहीं, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमारा उद्देश्य केवल अपने हितों की रक्षा करना नहीं है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुचारू बनाना है। हम उम्मीद करते हैं कि उच्च न्यायालय हमारी बातों को गंभीरता से सुनेगा और उचित कार्रवाई करेगा।”

इस बहिष्कार के कारण उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की सुनवाई पर असर पड़ने की संभावना है। वकीलों की इस हड़ताल के चलते न्यायिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं, जिससे आम जनता को भी न्याय मिलने में देरी हो सकती है। न्यायिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बहिष्कार अक्सर न्यायिक प्रशासन को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर करते हैं, लेकिन इससे जनता को होने वाली असुविधा को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

बार काउंसिल की नाराजगी के पीछे कुछ विशेष मुद्दे भी बताए जा रहे हैं। इनमें वकीलों की सुरक्षा, न्यायालय परिसर में सुविधा संबंधी सुधार, और मामलों की सुनवाई में पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रमुख हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि कई मामलों में न्यायिक प्रक्रियाओं में देरी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण वकील और उनकी पेशेवर जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं।

वहीं, हाईकोर्ट प्रशासन ने अभी तक बार एसोसिएशन की घोषणा पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। सूत्रों के अनुसार न्यायालय इस मुद्दे पर जल्द बैठक कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है, ताकि न्यायिक कार्य में रुकावट न आए।

विशेषज्ञों का कहना है कि वकीलों का यह कदम न्यायिक सुधार और पेशेवर सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण संदेश देता है। साथ ही यह भी स्पष्ट करता है कि न्यायिक प्रक्रिया में वकीलों की भूमिका कितनी अहम है। यदि हाईकोर्ट प्रशासन और बार काउंसिल जल्दी से जल्दी समाधान नहीं निकालते हैं, तो बहिष्कार लंबा खिंच सकता है, जिससे न्यायिक प्रणाली पर और दबाव बढ़ सकता है।