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राजस्थान में 1 अप्रैल से स्कूल नामांकन बढ़ाने का नया फॉर्मूला लागू, शिक्षकों को घर-घर संपर्क की जिम्मेदारी

राजस्थान में 1 अप्रैल से स्कूल नामांकन बढ़ाने का नया फॉर्मूला लागू, शिक्षकों को घर-घर संपर्क की जिम्मेदारी
 
राजस्थान में 1 अप्रैल से स्कूल नामांकन बढ़ाने का नया फॉर्मूला लागू, शिक्षकों को घर-घर संपर्क की जिम्मेदारी

राजस्थान सरकार 1 अप्रैल से सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए एक नया अभियान शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत शिक्षक अब घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करेंगे और बच्चों के स्कूल में दाखिले के लिए प्रेरित करेंगे।

इस पहल के साथ ही राज्य में ‘प्रवेश उत्सव’ का पहला चरण भी शुरू हो चुका है, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना है।

प्रवेश उत्सव के तहत स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर गतिविधियां चलाई जा रही हैं। विभाग का दावा है कि इससे ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और अधिक बच्चे शिक्षा से जुड़ेंगे।

हालांकि, शिक्षा विभाग की जमीनी स्थिति इस अभियान की सफलता को लेकर सवाल भी खड़े कर रही है। स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद, संसाधनों की कमी और पदोन्नति में देरी जैसी समस्याएं अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक स्कूलों में स्टाफ की कमी और व्यवस्थागत खामियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक नामांकन बढ़ाने के ये प्रयास पूरी तरह सफल होना मुश्किल है।

कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है, लेकिन इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जमीनी स्तर पर सुधार जरूरी बताया जा रहा है।