राजस्थान सरकार में बड़े बदलाव पर विचार, कार्यदिवस घटाने की तैयारी; वर्क फ्रॉम होम पर भी चर्चा तेज
राजस्थान सरकार प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रही है। वर्क फ्रॉम होम समेत अन्य आधुनिक कार्यप्रणालियों के बीच अब सरकार ‘कार्य दिवस’ घटाने के विकल्प पर भी मंथन कर रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक खर्च को कम करना, ईंधन की बचत करना, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना और सरकारी कामकाज की दक्षता को बेहतर बनाना है। माना जा रहा है कि बदलते समय और डिजिटल कार्यप्रणाली के बढ़ते उपयोग को देखते हुए यह विचार सामने आया है।
क्या हो सकते हैं फायदे?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कार्यदिवस घटाने का निर्णय लागू होता है, तो इससे कई स्तरों पर लाभ देखने को मिल सकते हैं—
- कार्यालय संचालन लागत में कमी
- परिवहन और ईंधन खर्च में बचत
- पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव
- कर्मचारियों की उत्पादकता में सुधार
सरकार का यह भी मानना है कि डिजिटल गवर्नेंस और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार के चलते कई कार्य अब कम समय में और दूरस्थ रूप से भी पूरे किए जा सकते हैं।
वर्क फ्रॉम होम पर भी विचार
सूत्रों के मुताबिक, कुछ विभागों में वर्क फ्रॉम होम मॉडल को सीमित रूप से लागू करने पर भी चर्चा चल रही है। खासकर ऐसे कार्य जिनमें फील्ड विजिट या प्रत्यक्ष उपस्थिति जरूरी नहीं होती, उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किया जा सकता है।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर फोकस
सरकार का उद्देश्य केवल काम के दिनों को घटाना नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाना भी बताया जा रहा है। इसके लिए विभागीय प्रक्रियाओं को सरल करने और तकनीक आधारित सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
