राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: गांवों में मंदिरों को पट्टा मिलेगा, वीडियो में देंखे मीट दुकानों पर नए प्रतिबंध
राजस्थान सरकार ने पंचायत राज मंत्रालय के तहत दो अहम फैसले लिए हैं, जिनका सीधा असर राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ेगा। गुरुवार को विधानसभा में पंचायतीराज की अनुदान मांगों पर बहस का जवाब देते हुए पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने राज्य सरकार की ओर से इन फैसलों की घोषणा की।
मंदिरों को पट्टे देने का निर्णय
मदन दिलावर ने कहा कि राज्य सरकार अब गांवों में आबादी की जमीन पर बने सभी मंदिरों को पट्टे देगी। यह फैसला धार्मिक स्थलों को कानूनी मान्यता प्रदान करने और उनकी स्थिरता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। मंत्री ने इस फैसले के पीछे तर्क देते हुए कहा कि हम सबको देने वाला भगवान बिना पट्टे के बैठा है। भगवान हमें सब कुछ देता है, तो हमारा कर्तव्य बनता है कि हम मंदिरों को पट्टा दें। इस कदम से मंदिरों के उचित प्रबंधन और संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
गांवों में मीट दुकानों पर नए प्रतिबंध
इसके अलावा, दिलावर ने गांवों में मीट की दुकानों पर नए प्रतिबंध लगाने की भी घोषणा की। अब बिना लाइसेंस के गांवों में मीट की दुकानें नहीं चल सकेंगी। यह फैसला खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से गांवों में मीट विक्रेताओं की गतिविधियों को नियमन मिलेगा और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार होगा।
राज्य सरकार की पंचायत राज में सुधार की दिशा
पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने इन दोनों घोषणाओं को राज्य सरकार की पंचायत राज सुधारों की दिशा में एक कदम और बताया। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से न केवल गांवों की धार्मिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय प्रशासन और व्यवस्था में भी सुधार आएगा।
