राजस्थान एजुकेशन समिट 2026: शिक्षा में एआई की बढ़ती भूमिका पर मंथन, भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर हुई चर्चा
शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव को लेकर शुक्रवार को जयपुर में आयोजित ‘राजस्थान एजुकेशन समिट 2026’ में व्यापक चर्चा हुई। उद्योग संगठन एसोचैम (ASSOCHAM) की ओर से आयोजित इस समिट में नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों, स्टार्टअप उद्यमियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लेकर शिक्षा के भविष्य को लेकर अपने विचार साझा किए।
समिट का मुख्य विषय शिक्षा प्रणाली को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करना और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना रहा। वक्ताओं ने कहा कि एआई केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं, बल्कि शिक्षा के स्वरूप को पूरी तरह बदलने वाली क्रांतिकारी शक्ति बनकर उभर रहा है। ऐसे में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को समय के साथ अपने पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धतियों में बदलाव लाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से शिक्षा को अधिक व्यक्तिगत, प्रभावी और सुलभ बनाया जा सकता है। एआई आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों की क्षमता और जरूरतों के अनुसार अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा सकते हैं, जिससे सीखने की प्रक्रिया और अधिक परिणामदायी बन सकती है।
हालांकि, वक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि एआई को शिक्षकों का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। उनका कहना था कि तकनीक केवल एक सहायक साधन है, जबकि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक विकास में शिक्षकों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण बनी रहेगी। इसलिए तकनीक और मानवीय मूल्यों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
समिट में रोजगार के बदलते स्वरूप पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले वर्षों में एआई और ऑटोमेशन के कारण कई पारंपरिक नौकरियों की प्रकृति बदल जाएगी। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल डिग्री आधारित शिक्षा देने के बजाय उन्हें डिजिटल स्किल्स, क्रिटिकल थिंकिंग, समस्या समाधान और नवाचार जैसे कौशलों से लैस करना होगा।
स्टार्टअप और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े वक्ताओं ने शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका मानना था कि शिक्षा संस्थानों और उद्योग जगत के बीच मजबूत सहयोग स्थापित करके छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से जोड़ना चाहिए, जिससे वे रोजगार और उद्यमिता दोनों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
कार्यक्रम में नई शिक्षा नीति के प्रभाव, डिजिटल लर्निंग, ऑनलाइन शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और रिसर्च को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि राजस्थान सहित पूरे देश में शिक्षा क्षेत्र को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार, निजी क्षेत्र और शैक्षणिक संस्थानों को मिलकर काम करना होगा।
समिट के दौरान इस बात पर भी सहमति जताई गई कि भविष्य की शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकती। विद्यार्थियों को बदलती तकनीकों के अनुरूप तैयार करना और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
राजस्थान एजुकेशन समिट 2026 ने शिक्षा और तकनीक के संगम पर नए विचारों को सामने लाने के साथ-साथ यह संदेश भी दिया कि एआई के युग में शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला, नवाचार आधारित और कौशल केंद्रित बनाना ही भविष्य की सफलता की कुंजी होगी।
