राजस्थान कांग्रेस ओबीसी विभाग में संगठनात्मक पुनर्गठन की तैयारी, जिला स्तर तक बदले जाएंगे पदाधिकारी
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (RPCC) के ओबीसी विभाग में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ओबीसी विभाग से मिले निर्देशों के आधार पर राज्य इकाई ने यह निर्णय लिया है कि जिला स्तर तक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का पुनर्गठन किया जाएगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह कदम आगामी राजनीतिक चुनौतियों और विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनज़र उठाया जा रहा है।
कांग्रेस का मानना है कि ओबीसी वर्ग राज्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। ऐसे में संगठन को मजबूत करने के लिए जिला स्तर पर नई टीमों का गठन आवश्यक हो गया है। बताया जा रहा है कि इस पुनर्गठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। पार्टी उन चेहरों को भी मौका दे सकती है जो लंबे समय से संगठन के लिए लगातार काम कर रहे हैं लेकिन अब तक पदों से वंचित रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के पदाधिकारियों का कहना है कि यह पुनर्गठन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। सभी जिलों से कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट और उनकी सक्रियता का ब्यौरा मांगा जा रहा है। उसके आधार पर जिला स्तरीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता चुने जाएंगे।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार ओबीसी वर्ग के युवाओं और महिलाओं को भी विशेष तवज्जो दी जाएगी। कांग्रेस चाहती है कि संगठन में सभी वर्गों और समुदायों का संतुलित प्रतिनिधित्व हो। यही वजह है कि नए पदाधिकारियों की सूची में युवाओं, महिला कार्यकर्ताओं और जमीनी स्तर पर सक्रिय नेताओं को शामिल किया जा सकता है।
राजस्थान में कांग्रेस फिलहाल विपक्ष की भूमिका निभा रही है। ऐसे में संगठन को मज़बूत कर पार्टी आगामी चुनावी रणनीति पर काम करना चाहती है। ओबीसी वर्ग राज्य की बड़ी जनसंख्या का हिस्सा है और कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इस वर्ग को साधे बिना चुनावी सफलता हासिल करना मुश्किल है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के अध्यक्ष ने कहा कि “अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला स्तर तक संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बहुत जल्द नई सूची जारी की जाएगी। हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को जोड़कर संगठन को नई ऊर्जा दी जाए।”
विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस का यह कदम भाजपा की ओबीसी राजनीति के मुकाबले को साधने की रणनीति का हिस्सा है। भाजपा ने भी हाल के वर्षों में ओबीसी वर्ग को लुभाने के लिए कई कदम उठाए हैं। ऐसे में कांग्रेस इस वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सक्रिय हो गई है।
