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राजस्थान कांग्रेस ने 13 नगर अध्यक्षों की नियुक्ति की, वीडियो में देंखे संगठन को सुदृढ़ बनाने की कोशिश

राजस्थान कांग्रेस ने 13 नगर अध्यक्षों की नियुक्ति की, वीडियो में देंखे संगठन को सुदृढ़ बनाने की कोशिश
 
राजस्थान कांग्रेस ने 13 नगर अध्यक्षों की नियुक्ति की, वीडियो में देंखे संगठन को सुदृढ़ बनाने की कोशिश

राजस्थान में संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी तैयारी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने सोमवार को 13 नगर अध्यक्षों की नियुक्ति की है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने यह जिम्मेदारियां संभालीं। यह नियुक्तियां पार्टी संगठन को मजबूत करने और基层 स्तर पर प्रभाव बढ़ाने के लिए की गई हैं।

जारी सूची के अनुसार, नियुक्तियों का वितरण विभिन्न जिलों में इस प्रकार हुआ है। अजमेर जिले में एक नगर अध्यक्ष, अलवर जिले में पांच, भीलवाड़ा ग्रामीण में तीन, डीडवाना-कुचामन में एक और जोधपुर जिले में दो नगर अध्यक्षों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सूची के मुताबिक, अजमेर के नसीराबाद में योगेश परिहार, नौगांव में गुलशन, गोविंदगढ़ में सुनील कुमार मिश्रा, रामगढ़ में दया किशन सैनी, बरोदा मेव में गौरीशंकर, बहादुरपुर में धीरज शर्मा और मालाखेड़ा में लालाराम सैनी को नगर अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

भीलवाड़ा ग्रामीण क्षेत्र में बनेड़ा से भंवरलाल रेगर, रायला से अनिल कोगता और शाहपुर से रमेश सेन को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन सिटी में सत्येंद्र सारस्वत को नगर अध्यक्ष बनाया गया है। जोधपुर जिले में बिलाड़ा से गिरधारी लाल परिहार और बालेसर सत्ता से संतोष सांखला को नगर अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों को गति देना और基层 स्तर पर पार्टी को मजबूत करना है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए नगर अध्यक्षों को अपने क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क बढ़ाने, सदस्यता अभियान चलाने और जनता के बीच पार्टी की नीतियों को पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

गोविंद सिंह डोटासरा ने नियुक्ति के बाद कहा कि यह कदम पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और基层 नेतृत्व को सशक्त बनाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने सभी नए नगर अध्यक्षों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करें और स्थानीय जनता के मुद्दों को प्राथमिकता दें।

विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में कांग्रेस इस समय संगठन को मजबूत करने और基层 नेतृत्व को सक्रिय करने पर जोर दे रही है। नगर अध्यक्षों की नियुक्ति से पार्टी की चुनावी रणनीति को मजबूती मिलेगी और विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ और प्रभाव बढ़ेगा।

पार्टी की इस नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर कहा जा रहा है कि यह आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी चुनावी तैयारियों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नए नगर अध्यक्षों को अब स्थानीय इकाइयों में सक्रिय होकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बनाना और क्षेत्रीय मुद्दों पर जनता से संवाद करना होगा।

इस कदम से पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि संगठन को मजबूत करते हुए चुनावी तैयारी समय पर पूरी की जाए। नगर अध्यक्षों की नियुक्ति से基层 नेतृत्व को सशक्त बनाने और जन संपर्क बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे पार्टी की पकड़ विभिन्न जिलों और नगरों में मजबूत होगी।