राजस्थान: पश्चिमी विक्षोभ के असर से 17-18 जनवरी को शीतलहर में राहत, न्यूनतम तापमान बढ़ेगा
राजस्थान में 17 और 18 जनवरी को मौसम में बदलाव के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के उत्तरी और पश्चिमी भागों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से कहीं-कहीं बादल छाए रहेंगे। इसके चलते अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी होने की संभावना है, जिससे शीतलहर से राहत मिलेगी।
मौसम विज्ञानियों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बर्फबारी के आसार भी बन सकते हैं, खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में। इसके अलावा, बादलों की मौजूदगी से दिन के तापमान में हल्का उछाल देखने को मिल सकता है।
राजस्थान में इस समय सर्दी का प्रकोप जारी है और कई जिलों में शीतलहर का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री कम रहा, जिससे लोगों को सुबह-शाम कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के आने से आगामी दिनों में ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान में सर्दी के मौसम में आमतौर पर बदलाव लाता है। इसके प्रभाव से बादल छा जाते हैं और तापमान में हल्की वृद्धि होती है। साथ ही, हवा की दिशा और गति में बदलाव के कारण राज्य के कुछ हिस्सों में धूल या धुंध की स्थिति भी बदल सकती है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे आने वाले दिनों में मौसम की जानकारी पर ध्यान दें। खासकर उन क्षेत्रों में जहां शीतलहर का अधिक प्रभाव होता है, वहां बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
राजस्थान के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 17-18 जनवरी को बादलों की मौजूदगी से सुबह के समय कड़ाके की ठंड थोड़ी कम हो सकती है। दिन का तापमान भी सामान्य से कुछ अधिक रहने की संभावना है, जिससे लोगों को बाहर के कामों में सहजता रहेगी।
इसके अलावा, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तरी और पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बर्फबारी भी संभव है। इससे खेतों और फसलों को मौसम से जुड़े लाभ हो सकते हैं। कृषि विभाग भी किसानों को सलाह दे रहा है कि वे मौसम के अनुसार अपने काम और फसलों की सुरक्षा करें।
राजस्थान के मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि अगले 48 घंटे राज्य के लिए मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से तापमान में बढ़ोत्तरी और शीतलहर में राहत मिल सकती है, लेकिन ठंड पूरी तरह समाप्त नहीं होगी।
इस मौसम बदलाव से नागरिकों को राहत के साथ-साथ कुछ सावधानी बरतने की जरूरत भी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के दौरान खान-पान और गर्म कपड़े पहनना जरूरी है, ताकि मौसमी बीमारियों से बचा जा सके।
