Aapka Rajasthan

राजस्थान बोर्ड 12वीं का परिणाम जारी, छात्राओं ने फिर मारी बाजी

राजस्थान बोर्ड 12वीं का परिणाम जारी, छात्राओं ने फिर मारी बाजी
 
राजस्थान बोर्ड 12वीं का परिणाम जारी, छात्राओं ने फिर मारी बाजी

Board of Secondary Education Rajasthan ने आज कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया। सीनियर सेकेंडरी (विज्ञान, वाणिज्य, कला) और वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा के नतीजों में इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, सभी संकायों में एक बार फिर छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए छात्रों से आगे बढ़त बनाए रखी है।

राज्य के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने उदयपुर स्थित जिला कलेक्टर कार्यालय से परीक्षा परिणामों की औपचारिक घोषणा की। परिणाम जारी करते समय उन्होंने विषयवार प्रदर्शन की जानकारी साझा की और सफल सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मंत्री ने कहा कि परीक्षा परिणाम शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को दर्शाते हैं और सरकार का उद्देश्य गुणवत्ता सुधार की दिशा में लगातार काम करना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष विभिन्न संकायों के परिणामों में मामूली गिरावट देखी गई है, लेकिन छात्राओं का प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट रहा है। विशेष रूप से विज्ञान, वाणिज्य और कला तीनों ही वर्गों में लड़कियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जिससे एक बार फिर यह साबित हुआ है कि शिक्षा के क्षेत्र में वे लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।

छात्र-छात्राएं अपना परिणाम rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाकर अपने रोल नंबर के माध्यम से देख सकते हैं। परिणाम जारी होने के बाद वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक भी देखा गया, जिसके चलते कुछ समय के लिए पोर्टल धीमा हो गया।

राज्यभर के स्कूलों में परिणाम को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां सफल छात्रों में खुशी की लहर है, वहीं कुछ विद्यार्थी अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के कारण निराश भी नजर आए। शिक्षकों का कहना है कि परिणामों का विश्लेषण कर आगामी सत्र में सुधार की दिशा में काम किया जाएगा।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार के परिणाम बताते हैं कि पढ़ाई के स्तर में स्थिरता तो है, लेकिन और सुधार की आवश्यकता है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा संसाधनों को मजबूत करने पर अधिक ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है।

फिलहाल सभी विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजर अपने-अपने परिणामों पर टिकी हुई है, जबकि बोर्ड प्रशासन आगामी प्रक्रिया और पुनर्मूल्यांकन संबंधी दिशा-निर्देश जल्द जारी करने की तैयारी में है।