Aapka Rajasthan

Rajasthan Birth Certificate News: 2011 से पहले जन्मे बच्चों के नाम जोड़ने पर लगी रोक, अब बढ़ेंगी अभिभावकों की मुश्किलें

 
Rajasthan Birth Certificate News: 2011 से पहले जन्मे बच्चों के नाम जोड़ने पर लगी रोक, अब बढ़ेंगी अभिभावकों की मुश्किलें

राजस्थान में उन परिवारों की परेशानी बढ़ सकती है, जिन्होंने अपने बच्चों का जन्म तो दर्ज करा लिया था, लेकिन अब तक जन्म प्रमाण पत्र (बर्थ सर्टिफिकेट) में उनका नाम दर्ज नहीं करवाया है। खासकर वर्ष 2011 से पहले जन्मे बच्चों के मामलों में अब नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर रोक लग गई है। भारत सरकार की ओर से ऐसे मामलों में नाम दर्ज कराने के लिए दी गई विशेष छूट की अवधि समाप्त हो चुकी है।

अब नहीं जुड़ पाएंगे नाम

जानकारी के अनुसार, जिन बच्चों का जन्म वर्ष 2011 से पहले हुआ था और उनके जन्म प्रमाण पत्र में अब तक नाम दर्ज नहीं कराया गया है, उनके लिए नाम जोड़ने की प्रक्रिया फिलहाल बंद कर दी गई है। इससे ऐसे अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, जिन्हें शिक्षा, पहचान पत्र, सरकारी योजनाओं या अन्य दस्तावेजों के लिए जन्म प्रमाण पत्र में नाम दर्ज कराने की आवश्यकता है।

खत्म हुई केंद्र सरकार की छूट

भारत सरकार ने पहले ऐसे मामलों में जन्म प्रमाण पत्र में नाम दर्ज कराने के लिए विशेष छूट प्रदान की थी। इस व्यवस्था के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर नाम जोड़ा जा सकता था। हालांकि अब यह छूट समाप्त हो गई है, जिसके बाद संबंधित विभागों ने नाम दर्ज करने की प्रक्रिया रोक दी है।

कई कामों में आ सकती है दिक्कत

बर्थ सर्टिफिकेट आज के समय में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। स्कूल में प्रवेश, पासपोर्ट बनवाने, आधार कार्ड, सरकारी योजनाओं और कई अन्य कार्यों में इसकी आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में जिन बच्चों के नाम अभी तक जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज नहीं हैं, उन्हें भविष्य में विभिन्न प्रक्रियाओं के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

सरकार से नई व्यवस्था की उम्मीद

इस निर्णय के बाद प्रभावित परिवारों को अब सरकार की ओर से किसी नई व्यवस्था या दिशा-निर्देश का इंतजार रहेगा। फिलहाल संबंधित विभागों द्वारा पुराने मामलों में नाम दर्ज करने के आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।

अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि जन्म से जुड़े सभी दस्तावेजों को समय पर अपडेट कराना बेहद जरूरी है। जिन परिवारों के दस्तावेजों में अभी भी कोई त्रुटि या कमी है, उन्हें संबंधित विभाग से संपर्क कर वर्तमान नियमों की जानकारी लेनी चाहिए।

राजस्थान में इस बदलाव के बाद बड़ी संख्या में ऐसे परिवार प्रभावित हो सकते हैं, जिन्होंने अब तक अपने बच्चों का नाम जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज नहीं कराया है। अब आगे की प्रक्रिया सरकार के नए निर्देशों पर निर्भर करेगी।