राजस्थान विधानसभा ने डिस्टर्ब एरिया प्रोटेक्शन बिल पारित, कांग्रेस ने सत्ता में आने पर वापस लेने का ऐलान किया
राजस्थान विधानसभा ने हाल ही में डिस्टर्ब एरिया प्रोटेक्शन बिल को ध्वनि मत से पारित कर दिया है। इस बिल को लेकर राजनीतिक दलों में मतभेद भी स्पष्ट दिखाई दिए हैं।
कांग्रेस ने कहा है कि यदि वह सत्ता में आती है तो यह बिल वापस लिया जाएगा। पार्टी का तर्क है कि बिल गुजरात मॉडल की नकल है और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ असंवैधानिक कदम हो सकता है। वहीं, भाजपा ने बिल का स्वागत किया है और कहा है कि बिल लोगों को राहत देने वाले महत्वपूर्ण कानूनों में शामिल है।
भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने पहले तीन तलाक जैसे संवेदनशील मुद्दों पर मुस्लिम महिलाओं का समर्थन नहीं किया था, तो वह इस बिल जैसे संवेदनशील और सुरक्षा से जुड़े कानून पर कैसे साथ आ सकती है। पार्टी ने जोर देकर कहा कि यह बिल समाज में सुरक्षा और सामुदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जरूरी है।
राजस्थान विधानसभा में पारित इस बिल के तहत प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के उपाय किए जाएंगे। बिल को लागू करने के बाद प्रशासन को अधिकार मिलेंगे कि वे डिस्टर्ब एरिया घोषित कर सख्त निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
इस बिल पर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषक बता रहे हैं कि बिल की भविष्य की प्रासंगिकता और कार्यान्वयन जनता और प्रशासन दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
