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पंचायत समिति रायपुर के सहायक अभियंता को रिश्वत लेते गिरफ्तार, फुटेज में देंखे 5.23 लाख रुपए बरामद

पंचायत समिति रायपुर के सहायक अभियंता को रिश्वत लेते गिरफ्तार, फुटेज में देंखे 5.23 लाख रुपए बरामद
 
पंचायत समिति रायपुर के सहायक अभियंता को रिश्वत लेते गिरफ्तार, फुटेज में देंखे 5.23 लाख रुपए बरामद

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पंचायत समिति रायपुर (ब्यावर) में तैनात सहायक अभियंता (AEN) को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रदीप कुमार, जो महिला एवं बाल विकास विभाग में अतिरिक्त चार्ज भी संभाल रहे थे, को सरकारी आवास से रंगे हाथ पकड़ाया गया।

एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) हिम्मत चारण ने बताया कि ट्रैप कार्रवाई के दौरान आरोपी के घर की तलाशी ली गई, जिसमें 5 लाख 23 हजार रुपए नकद बरामद किए गए। ASP हिम्मत चारण ने कहा कि आरोपी लंबे समय से परिवादी से रिश्वत की मांग कर रहा था, जिसकी शिकायत मिलने पर सोमवार रात को यह कार्रवाई की गई।

शिकायत के अनुसार, प्रदीप कुमार ने पंचायत समिति रायपुर में लंबित बिलों की मेजरमेंट बुक भरने के एवज में परिवादी से कुल 21 हजार रुपए की रिश्वत मांग की थी। बिल पास कराने के लिए उसने लगातार दबाव बनाया, जिससे परिवादी परेशान था और उसने मामले की शिकायत एसीबी से की।

एसीबी ने बताया कि शिकायत के तुरंत बाद ट्रैप कार्रवाई की गई। आरोपी को बिल पास करने के नाम पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी के घर से बरामद नकद राशि से भ्रष्टाचार के पैमाने का अंदाजा लगाया जा सकता है।

ASP हिम्मत चारण ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में ACB सख्ती से कार्रवाई कर रही है और ऐसे अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि किसी सरकारी अधिकारी से रिश्वत मांगने या अन्य गैरकानूनी कार्य करने की जानकारी मिले, तो तुरंत ACB को सूचित करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि पंचायत समितियों और सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए ट्रैप कार्रवाई और शिकायत तंत्र का प्रभावी होना बहुत जरूरी है। ट्रैप कार्रवाई से यह संदेश भी जाता है कि कोई भी अधिकारी कानून से ऊपर नहीं है और भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट हो गया है कि राजसमंद में भ्रष्टाचार के मामलों पर प्रशासन और ACB सतर्क हैं। आने वाले समय में ऐसे मामलों को रोकने के लिए अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।

प्रदीप कुमार पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीबी ने कहा कि जांच जारी है और मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई अन्य सरकारी अधिकारियों के लिए चेतावनी भी है कि रिश्वत लेना और भ्रष्टाचार करना गंभीर अपराध है।

इस कार्रवाई के बाद जनता और शिकायतकर्ताओं में विश्वास बढ़ा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन सख्त कदम उठा रहा है। राजसमंद जिले में ACB की यह कार्रवाई राज्य में सरकारी संस्थाओं में ईमानदारी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही