राजस्थान में बारिश बनी जानलेवा! औसत से 48% अधिक हुई बारिश, बाढ़-आफत में दो महीने में 91 लोगों ने गंवाई जान
राजस्थान में इस मानसून सीज़न में पिछले 2 महीनों में भारी बारिश, जलभराव और बिजली गिरने से लगभग 91 लोगों की जान जा चुकी है। 51 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। जलभराव के कारण लगभग 38 घर ढह गए हैं। इस आपदा का असर न केवल आम लोगों पर पड़ा है, बल्कि किसानों के पशुओं पर भी पड़ा है। अब तक लगभग 47 पशुओं की मौत हो चुकी है। इस मानसून सीज़न में राज्य में औसत से 48% ज़्यादा बारिश हुई है।
बिजली गिरी
मृतक: 24
घायल: 16
बह गए और डूब गए
मृतक: 44
घायल: 00
दीवारें और मकान ढह गए
मृतक: 23
घायल: 35
कुल मृतक
91
कुल घायल
51
जानवरों की मौत
47
मकान ढह गए
38
मानसून का दूसरा चरण
राज्य में मानसून का दूसरा चरण रविवार को भारी बारिश के साथ जारी रहा। पिछले 24 घंटों में, दौसा में सबसे अधिक 285 मिमी (11.4 इंच), नागौर में 173 मिमी (7 इंच) और देह में 137 मिमी (5 इंच) बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, जयपुर, भरतपुर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, बीकानेर और अजमेर संभाग और सीकर समेत कुछ हिस्सों में बारिश के समाचार हैं।
जयपुर में 92 मिमी बारिश दर्ज की गई। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सोमवार को उदयपुर, जोधपुर संभाग के 22 जिलों समेत दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। अगले पांच दिनों तक राज्य में मानसून के सक्रिय रहने की भी उम्मीद है। रविवार को कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, अत्यधिक जलभराव के कारण जनजीवन सामान्य नहीं हो सका। बचाव दल फंसे हुए लोगों को निकाल रहा है।
