जयपुर रिंग रोड पर परिवहन विभाग की चेकिंग पर सवाल: ट्रक चालकों से ₹500 की कथित अवैध वसूली का वीडियो वायरल
जयपुर रिंग रोड पर परिवहन विभाग की चेकिंग के दौरान ट्रक चालकों से कथित रूप से प्रति वाहन 500 रुपये की अवैध वसूली का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
वीडियो में गार्ड पर पैसे लेने का आरोप
बताया जा रहा है कि यह वीडियो शनिवार सुबह करीब 10 बजे का है। वीडियो में परिवहन विभाग का एक गार्ड ट्रक चालक के साथ वाहन के पीछे जाता हुआ दिखाई देता है। वहां वह चालक से कथित रूप से नकदी लेता है और उसे गिनता हुआ नजर आता है। इसके बाद वह दूसरे ट्रक चालक के पास पहुंच जाता है।वीडियो में इसी तरह एक अन्य चालक से भी कथित रूप से पैसे लेते हुए गार्ड दिखाई देता है। इसके अलावा वह एक चालक के कान में कुछ कहता हुआ भी नजर आता है।
हाथ जोड़कर जाने की गुहार, गार्ड ने किया पैसों का इशारा!
वीडियो में एक अन्य ट्रक चालक गार्ड के पास पहुंचता है और हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करता दिखाई देता है। आरोप है कि इस दौरान गार्ड कथित तौर पर पैसों का इशारा करता है।कुछ ही देर में अन्य ट्रक चालक भी वहां पहुंच जाते हैं, जिससे मौके पर हलचल बढ़ जाती है।
परिवहन निरीक्षक भी वीडियो में नजर आईं
वायरल वीडियो में परिवहन निरीक्षक मुक्ता सोनी भी मौके पर मौजूद दिखाई देती हैं। फुटेज में वह गार्ड से बातचीत करती नजर आती हैं। इसके बाद एक ट्रक चालक उन्हें मोबाइल फोन देता है, जिस पर वह किसी से बातचीत करती दिखाई देती हैं।वीडियो के अंत में परिवहन निरीक्षक और गार्ड सरकारी वाहन में बैठकर वहां से रवाना हो जाते हैं।
'अब चालान का भुगतान केवल ऑनलाइन होता है'
मामले पर जयपुर आरटीओ प्रथम में तैनात डीटीओ नाथू सिंह ने कहा कि अब परिवहन विभाग में चालान की राशि नकद नहीं ली जाती।उन्होंने बताया कि पहले मैनुअल व्यवस्था के दौरान नकद भुगतान की व्यवस्था थी, लेकिन अब सभी चालानों का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है। ऐसे में यदि किसी ने नकद राशि ली है तो उसकी जांच की जाएगी।
जांच और कार्रवाई की मांग तेज
वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई दे रही नकदी किस उद्देश्य से ली जा रही थी। मामले की सत्यता और जिम्मेदारी तय करने के लिए विभागीय जांच की आवश्यकता होगी।यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल परिवहन विभाग की ओर से विस्तृत जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
