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पश्चिमी राजस्थान में खेजड़ी पेड़ों की कटाई पर विरोध-बीकानेर में महापड़ाव, बाजार और स्कूल बंद

पश्चिमी राजस्थान में खेजड़ी पेड़ों की कटाई पर विरोध-बीकानेर में महापड़ाव, बाजार और स्कूल बंद
 
पश्चिमी राजस्थान में खेजड़ी पेड़ों की कटाई पर विरोध-बीकानेर में महापड़ाव, बाजार और स्कूल बंद

पश्चिमी राजस्थान में खेजड़ी पेड़ों की कटाई को लेकर बढ़ रहे विरोध के चलते पर्यावरण संरक्षण की यह मुहिम अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी है। इसी के तहत आज बीकानेर में पर्यावरण प्रेमियों के आह्वान पर महापड़ाव आयोजित किया जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन और व्यापारिक संगठनों ने सहयोग करते हुए महापड़ाव के समर्थन में मुख्य बाजार दोपहर 2 बजे तक बंद रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही सरकारी और निजी स्कूलों में भी आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई है, ताकि छात्र और शिक्षक इस आंदोलन में शामिल हो सकें।

आंदोलन का उद्देश्य खेजड़ी जैसे पारंपरिक और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पेड़ों की कटाई रोकना और संरक्षण सुनिश्चित करना है। पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि खेजड़ी के बिना रेगिस्तानी पारिस्थितिकी तंत्र और स्थानीय कृषि प्रभावित हो सकती है।

महापड़ाव में बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी, छात्र और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि खेजड़ी की कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और इस क्षेत्र में पेड़ों के संरक्षण के लिए स्थायी नीति बनाई जाए।

स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने बाजार बंद रखने का समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल विरोध का प्रदर्शन नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का माध्यम भी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे महापड़ाव में सामूहिक रूप से भाग लें और आंदोलन को सफल बनाएं।

विशेषज्ञों का कहना है कि खेजड़ी पेड़ रेगिस्तान में मिट्टी के कटाव को रोकने, जल संरक्षण में मदद करने और स्थानीय जैव विविधता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध और अनियंत्रित कटाई के कारण पारिस्थितिकी संतुलन प्रभावित हो रहा है।

प्रशासन ने भी लोगों की सुरक्षा और आंदोलन के शांतिपूर्ण संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ किया है। पुलिस और नागरिक प्रशासन ने महापड़ाव के मार्ग और आसपास के इलाकों में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष टीम तैनात की हैं।

स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल बीकानेर तक सीमित नहीं रहेगा। यदि खेजड़ी कटाई पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई तो यह आंदोलन पूरे पश्चिमी राजस्थान में फैल सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण संरक्षण और पेड़ों की सुरक्षा में सभी समुदायों और संगठनों को सहयोग करना चाहिए।