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आरपीएससी में पद सृजन को लेकर हुआ बवाल, वीडियो में देंखे कर्मचारियों ने दी हड़ताल की धमकी

आरपीएससी में पद सृजन को लेकर हुआ बवाल, वीडियो में देंखे कर्मचारियों ने दी हड़ताल की धमकी
 
आरपीएससी में पद सृजन को लेकर हुआ बवाल, वीडियो में देंखे कर्मचारियों ने दी हड़ताल की धमकी

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में नवीन पदों के सृजन की लंबे समय से उठ रही मांग अब जोर पकड़ती जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को अधिकारियों व कर्मचारियों की संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और आयोग मुख्यालय के बाहर रैली निकालकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

प्रदर्शन के दौरान समिति ने साफ चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को सरकार द्वारा शीघ्र नहीं माना गया तो 11 अगस्त से सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। इससे आयोग की परीक्षाओं, परिणामों और अन्य प्रशासनिक कार्यों पर गहरा असर पड़ सकता है।

क्या है कर्मचारियों की मांग?

संघर्ष समिति के अध्यक्ष दयाकर शर्मा ने बताया कि आयोग में अधिकारियों और कार्मिकों की संख्या बेहद सीमित है, जबकि काम का दबाव दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। शर्मा ने कहा:

"लगातार परीक्षाएं आयोजित करना, उनके परिणाम जारी करना और अभिस्तावना जैसी कार्यवाहियों को तय समय पर पूरा करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में सीमित स्टाफ के साथ कार्यभार का यह दबाव अब असहनीय हो गया है।"

उन्होंने यह भी बताया कि आयोग के विस्तार और कामकाज के बढ़ते दायरे को देखते हुए नवीन पदों का सृजन आवश्यक हो गया है, ताकि कार्य कुशलता और पारदर्शिता बनाए रखी जा सके।

रैली में कर्मचारियों की बड़ी भागीदारी

बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शन में आरपीएससी के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की।

कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने अनेकों बार ज्ञापन, पत्राचार और संवाद के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

अगर मांग नहीं मानी गई तो क्या होगा?

संघर्ष समिति की चेतावनी के अनुसार, यदि सरकार ने 11 अगस्त से पहले मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो समस्त कर्मचारी अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। इससे आयोग की सभी गतिविधियों—चाहे वे परीक्षाएं हों, परिणाम हों या अन्य कार्य—बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।

क्या कहती है सरकार?

सरकारी स्तर पर इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक सरकार इस आंदोलन पर नजर रखे हुए है और जल्द कोई हल निकालने की संभावना जताई जा रही है।