PHED ठेकेदारों का बकाया भुगतान को लेकर विरोध तेज, जलदाय भवन के बाहर 5 दिन से धरना जारी
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के ठेकेदारों ने अपने बकाया भुगतान को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पिछले पांच दिनों से प्रदेशभर से आए ठेकेदार जलदाय भवन के बाहर लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। ठेकेदारों का कहना है कि लंबे समय से उनके कार्यों का भुगतान लंबित है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।धरना दे रहे ठेकेदारों ने आरोप लगाया है कि विभाग द्वारा किए गए कार्यों के बावजूद समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि कई परियोजनाएं पूरी होने के महीनों बाद भी बिलों का निपटारा नहीं किया गया है। इससे न केवल ठेकेदारों की कार्यशील पूंजी प्रभावित हो रही है, बल्कि छोटे स्तर के ठेकेदारों को मजदूरों की मजदूरी और सामग्री आपूर्ति के भुगतान में भी भारी दिक्कतें आ रही हैं।
धरना स्थल पर मौजूद ठेकेदारों ने बताया कि वे बार-बार विभागीय अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।ठेकेदार संगठनों के प्रतिनिधियों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल भुगतान का मामला नहीं है, बल्कि इससे हजारों मजदूरों और छोटे व्यवसायियों की आजीविका भी जुड़ी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही, तो प्रदेशभर में चल रहे निर्माण और जल आपूर्ति से जुड़े कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
धरना प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की और सरकार से पारदर्शी भुगतान प्रणाली लागू करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि हर बार बजट और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का हवाला देकर भुगतान को टाल दिया जाता है, जिससे ठेकेदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।इस बीच, प्रशासन की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, विभागीय सूत्रों का कहना है कि कुछ फाइलें प्रक्रिया में हैं और जल्द ही स्थिति की समीक्षा की जा सकती है।धरना स्थल पर लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। ठेकेदारों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज हो सकता है, जिससे विभागीय कार्यों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
