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हनुमानगढ़ में भद्रकाली मंदिर तक सड़क न बनने पर विरोध तेज, पूर्व सरपंच ने 18 किमी पैदल यात्रा कर ज्ञापन सौंपा

हनुमानगढ़ में भद्रकाली मंदिर तक सड़क न बनने पर विरोध तेज, पूर्व सरपंच ने 18 किमी पैदल यात्रा कर ज्ञापन सौंपा
 
हनुमानगढ़ में भद्रकाली मंदिर तक सड़क न बनने पर विरोध तेज, पूर्व सरपंच ने 18 किमी पैदल यात्रा कर ज्ञापन सौंपा

हनुमानगढ़ टाउन के समीप स्थित ऐतिहासिक भद्रकाली मंदिर तक सड़क निर्माण न होने को लेकर स्थानीय लोग और नेताओं का विरोध तेज हो गया है। अमरपुरा थेहड़ी के पूर्व सरपंच रोहित स्वामी ने शुक्रवार को अनोखे अंदाज में प्रशासन को चेतावनी दी और सड़क निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग को लेकर साहसिक कदम उठाया।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह रोहित स्वामी ने भद्रकाली मंदिर में धोक लगाकर पदयात्रा की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने मंदिर से नंगे पैर पैदल यात्रा शुरू की और लगभग 18 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए टाउन होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे।

जिला कलेक्ट्रेट में उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें सड़क निर्माण की मांग को दोहराया गया। ज्ञापन में कहा गया कि मंदिर तक सड़क न होने के कारण भक्तों और तीर्थयात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी मंदिर तक सड़क की वास्तविक जरूरत को उजागर किया और प्रशासन से जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करने का आग्रह किया।

पूर्व सरपंच रोहित स्वामी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “भद्रकाली मंदिर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़क निर्माण में देरी भक्तों और स्थानीय लोगों के लिए असुविधाजनक स्थिति पैदा कर रही है। प्रशासन को जनहित में जल्द कदम उठाना चाहिए।”

स्थानीय ग्रामीणों और मंदिर के पुजारियों का कहना है कि मंदिर तक सड़क न होने से भक्तों की संख्या कम हो रही है, और तीर्थयात्रा में आने वाले पर्यटकों को भी कठिनाई और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राजस्व अधिकारियों से अनुरोध किया है कि सड़क निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द शुरू कराया जाए।

जिला प्रशासन ने फिलहाल इस मामले में समीक्षा बैठक करने और सड़क निर्माण के लिए आवश्यक नक्शे और बजट पर विचार करने की जानकारी दी है। अधिकारीयों ने कहा कि वे स्थानीय लोगों और मंदिर प्रबंधन से संवाद के बाद निर्माण कार्य की रूपरेखा तय करेंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि भद्रकाली मंदिर जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों तक सुलभता बढ़ाने के लिए सड़क निर्माण जरूरी है। इससे न केवल भक्तों और पर्यटकों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा।

यह विरोध इस बात का संकेत है कि स्थानीय नेता और लोग अपने अधिकारों के लिए सक्रिय हैं, और प्रशासन को जनता की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना अनिवार्य है। हनुमानगढ़ जिले में भद्रकाली मंदिर तक सड़क निर्माण की मांग अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी तेज हो गई है, और इसे लेकर आगामी दिनों में और आंदोलन की संभावना जताई जा रही है।