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जयपुर में NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन, वीडियो में देंखे पुलिस–कांग्रेस कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की, वाटर कैनन का इस्तेमाल

जयपुर में NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन, वीडियो में देंखे पुलिस–कांग्रेस कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की, वाटर कैनन का इस्तेमाल
 
जयपुर में NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन, वीडियो में देंखे पुलिस–कांग्रेस कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की, वाटर कैनन का इस्तेमाल

राजस्थान की राजधानी जयपुर में गुरुवार को NEET पेपर लीक मामले के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की देखने को मिली, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।यह प्रदर्शन शहीद स्मारक से शुरू हुआ, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

स्थिति उस समय बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पहले समझाइश दी, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो वाटर कैनन चलाकर उन्हें पीछे हटाया गया। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।प्रदर्शन के दौरान शहीद स्मारक पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष Govind Singh Dotasra को कार्यकर्ताओं ने कंधे पर बैठा लिया, जिससे माहौल और अधिक राजनीतिक रूप से गर्म हो गया। वहीं पूर्व मंत्री Pratap Singh Khachariyawas पुलिस कमिश्नरेट के सामने धरने पर बैठ गए और विरोध दर्ज कराया।

इसी दौरान पुलिस और नेताओं के बीच भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली। पुलिस ने विधायक Mukesh Bhakar और पूर्व विधायक Ved Prakash Solanki को पीछे धकेल दिया, जब वे आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।वहीं विधायक Manish Yadav बैरिकेड्स पर चढ़कर आगे जाने का प्रयास करते दिखे, लेकिन पुलिस ने उन्हें तुरंत नीचे उतार दिया। इस पूरी घटना के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रित करने की लगातार कोशिश की जाती रही।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।घटना के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी थी। फिलहाल पूरे मामले पर निगरानी रखी जा रही है और स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है।