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बाबूलाल कटारा के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति: राज्यपाल की मंजूरी के बाद कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ

बाबूलाल कटारा के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति: राज्यपाल की मंजूरी के बाद कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ
 
बाबूलाल कटारा के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति: राज्यपाल की मंजूरी के बाद कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ

राजस्थान में 2022 सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले के आरोपी और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब उनके खिलाफ अदालत में औपचारिक मुकदमा चलाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आरोपों को प्रमाणित पाया गया था, जिसके बाद अभियोजन की अनुमति मांगी गई थी। राज्यपाल की स्वीकृति के साथ ही जांच एजेंसियां अब कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर सकेंगी।

पेपर लीक मामले में पहले से चल रही जांच

बाबूलाल कटारा का नाम राजस्थान के चर्चित भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामलों में पहले से ही सामने आ चुका है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं को बढ़ावा दिया और पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क में भूमिका निभाई। इससे पहले भी इस मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की प्रक्रिया हो चुकी है।

कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी

अभियोजन स्वीकृति (Prosecution Sanction) किसी भी सरकारी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाने से पहले आवश्यक कानूनी अनुमति होती है। इसके मिलने के बाद अब जांच एजेंसियां अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर सकती हैं और नियमित ट्रायल शुरू हो सकेगा। इस फैसले को मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल

इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी हलचल देखी जा रही है। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक मामलों पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं, ऐसे में यह कदम राज्य सरकार और जांच एजेंसियों की सख्त नीति का संकेत माना जा रहा है।