करोड़ों की जमीन विवाद में प्रॉपर्टी डीलर को हाईकोर्ट से झटका, वीडियो में देंखे FIR रद्द करने की याचिका खारिज
जयपुर में करोड़ों रुपए की जमीन पर कथित कब्जे के आरोपों से जुड़े मामले में चर्चित प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद शर्मा को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी ओर से दायर एफआईआर रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया है।यह मामला जमीन विवाद और कथित अवैध कब्जे से जुड़ा हुआ है, जिसमें प्रमोद शर्मा के साथ अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ भी मामला दर्ज है। याचिका में एफआईआर को निरस्त करने की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने राहत देने से इनकार कर दिया।
⚖️ हाईकोर्ट का फैसला
इस मामले की सुनवाई जस्टिस उमाशंकर व्यास की अदालत में हुई। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस चरण पर एफआईआर को रद्द करने का कोई आधार नहीं बनता। इसके साथ ही अदालत ने प्रमोद शर्मा और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी।
🏛️ सरकार ने किया याचिका का विरोध
राज्य सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि यह मामला अभी जांच के प्रारंभिक चरण में है और पुलिस अपनी प्रक्रिया के अनुसार जांच कर रही है।सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि पुलिस ने आरोपियों को केवल अपने पक्ष के दस्तावेज प्रस्तुत करने और बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया है, ताकि निष्पक्ष जांच आगे बढ़ सके।
📌 जांच अभी शुरुआती चरण में
अदालत में दी गई दलीलों के अनुसार, मामले की जांच अभी शुरुआती अवस्था में है और किसी भी प्रकार का अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
⚠️ आगे की कार्रवाई पर नजर
एफआईआर रद्द न होने के बाद अब यह मामला पुलिस जांच के दायरे में आगे बढ़ेगा। जांच एजेंसियां दस्तावेजों, बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगी।फिलहाल, कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रमोद शर्मा की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं और मामले पर सभी की नजरें अब पुलिस जांच के अगले चरण पर टिकी हैं।
