कोटा एमबीएस हॉस्पिटल में प्री-वेडिंग शूट, वीडियो में देखें प्रशासन ने तुरंत रोक दिया
कोटा के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महाराव भीमसिंह (एमबीएस) हॉस्पिटल में बुधवार को एक प्री-वेडिंग शूट की जानकारी मिलते ही प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, इस शूट में एक मध्य प्रदेश का पुलिस अधिकारी और हॉस्पिटल की सरकारी डॉक्टर शामिल थे।
हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा ने बताया कि यह घटना 15 मार्च की सुबह लगभग 11 बजे हुई। घटना स्थल अस्पताल की नई बिल्डिंग के पास था। जैसे ही प्रशासन को इसकी जानकारी मिली, तुरंत शूट को रोक दिया गया। हॉस्पिटल स्टाफ ने बताया कि पुलिस अधिकारी ने एमपी पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और डॉक्टर के साथ एक कैमरा टीम भी मौजूद थी। शूट के दौरान पुलिस अधिकारी ने महंगी बाइक भी शूट में इस्तेमाल की। दोनों ने कुछ मिनटों तक फोटो शूट किया, लेकिन जैसे ही हॉस्पिटल प्रशासन ने इसे देखा, उन्होंने तुरंत शूटिंग रोक दी।
डॉ. मीणा ने कहा कि यह घटना सरकारी अस्पताल के नियमों और नैतिकता के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत फोटो शूटिंग की अनुमति नहीं है, क्योंकि यह मरीजों और स्टाफ के लिए असुविधा का कारण बन सकता है।
अब तक अस्पताल प्रशासन पुलिस अधिकारी और डॉक्टर की पहचान नहीं कर पाया है, लेकिन घटना की जांच जारी है। प्रशासन ने कहा है कि अगर कोई भी व्यक्ति अस्पताल की अनुमति के बिना इस तरह की शूटिंग करता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी संस्थानों में इस तरह की गतिविधियाँ नियमों और पेशेवर आचार संहिता का उल्लंघन मानी जाती हैं। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर प्री-वेडिंग शूट करना मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा और सुविधा के लिए खतरा भी हो सकता है।
हॉस्पिटल प्रशासन ने सभी कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि को तुरंत रोका जाए और सूचना मिलने पर उच्च अधिकारियों को तुरंत अवगत कराया जाए।
इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी संस्थानों में निजी फोटो शूटिंग की अनुमति नहीं है और प्रशासन ऐसी गतिविधियों के प्रति बेहद संवेदनशील है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अब तक शूट रोकने के बाद कोई और समस्या नहीं हुई और मरीजों और स्टाफ को सामान्य सेवाओं में कोई बाधा नहीं आई।
