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भीलवाड़ा में 5 तारीख को चारभुजा नाथ और यज्ञ लक्ष्मी के फेरे, कोदूकोटा में धार्मिक उत्सव की तैयारी

भीलवाड़ा में 5 तारीख को चारभुजा नाथ और यज्ञ लक्ष्मी के फेरे, कोदूकोटा में धार्मिक उत्सव की तैयारी
 
भीलवाड़ा में 5 तारीख को चारभुजा नाथ और यज्ञ लक्ष्मी के फेरे, कोदूकोटा में धार्मिक उत्सव की तैयारी

भीलवाड़ा जिले के कोदूकोटा क्षेत्र में 5 फरवरी को धर्म और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। इस दिन चारभुजा नाथ और यज्ञ लक्ष्मी के फेरे संपन्न होंगे, जो श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष धार्मिक अवसर साबित होंगे।

कोदूकोटा क्षेत्र में तैयारियों का मंजर पहले ही दिखाई देने लगा है। कोदूकोटा कालिका मंदिर पर इस अवसर के लिए बानोड़ा बालाजी के रथ का स्वागत किया जाएगा, जबकि धूमडास स्थित बन्नी के देवनारायण भगवान मंदिर में श्रीराम दिव्य रथ के आगमन के साथ ही धार्मिक अनुष्ठान और शंखनाद का आयोजन होगा।

स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति ने बताया कि इस दिन के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। आयोजन स्थल पर धार्मिक झांकियां, रथ और प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था होगी।

श्रद्धालुओं का कहना है कि यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ाता है, बल्कि समाज में एकता और सामूहिक चेतना की भावना को भी प्रगाढ़ करता है। चारभुजा नाथ और यज्ञ लक्ष्मी के फेरे में हजारों लोग भाग लेने के लिए तैयार हैं।

मंदिर समिति ने अपील की है कि श्रद्धालु समय पर पहुंचें और धार्मिक अनुशासन का पालन करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन में साफ-सफाई, सुरक्षा और कोरोना प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

स्थानीय व्यापारियों ने भी इस अवसर को लेकर अपने व्यापार की तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंदिरों और आसपास के इलाकों में धार्मिक सामग्री, पूजा सामग्री और भोजन की व्यवस्था विशेष रूप से की जाएगी।

धार्मिक विद्वानों का कहना है कि चारभुजा नाथ और यज्ञ लक्ष्मी के फेरे स्थानीय संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रमाण हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनता है।

कोदूकोटा क्षेत्र में इस अवसर को लेकर माहौल पहले से ही उत्सवपूर्ण है। मंदिरों की सजावट, रथों की तैयारियां और भक्तों की भीड़ इस त्योहार को और भी यादगार बनाने के लिए जुटी हुई है।

श्रद्धालु और स्थानीय लोग मानते हैं कि इस दिन का आयोजन धर्म, आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। चारभुजा नाथ और यज्ञ लक्ष्मी के फेरे और श्रीराम दिव्य रथ का स्वागत धार्मिक उत्सव में चार चांद लगा देगा।

इस प्रकार 5 फरवरी को कोदूकोटा में धर्म और आस्था का संगम देखने को मिलेगा, जिसमें रथ यात्रा, धार्मिक अनुष्ठान और शंखनाद के माध्यम से श्रद्धालु अपनी आस्था और भक्ति को प्रदर्शित करेंगे।