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डिलीवरी के 24 घंटे बाद प्रसूता की बिगड़ी तबीयत, किडनी में आई गंभीर समस्या; SMS अस्पताल में डायलिसिस शुरू

 
डिलीवरी के 24 घंटे बाद प्रसूता की बिगड़ी तबीयत, किडनी में आई गंभीर समस्या; SMS अस्पताल में डायलिसिस शुरू

राजस्थान में प्रसव के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने और किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। राजधानी जयपुर में ऐसा ही एक नया मामला सामने आया है। यहां एक प्रसूता की डिलीवरी के करीब 24 घंटे बाद किडनी में गंभीर समस्या सामने आई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital) रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए डायलिसिस शुरू किया है।

बताया जा रहा है कि प्रसूता की डिलीवरी के बाद शुरुआती तौर पर उसकी हालत ठीक थी, लेकिन करीब एक दिन बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। जांच के दौरान किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने की बात सामने आई। इसके बाद स्थानीय स्तर पर चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज और विशेषज्ञों की निगरानी के लिए जयपुर के SMS अस्पताल भेजने का निर्णय लिया।

SMS अस्पताल में शुरू हुआ डायलिसिस

प्रसूता को SMS अस्पताल लाए जाने के बाद डॉक्टरों की टीम ने उसकी जांच की। किडनी से जुड़ी समस्या गंभीर पाए जाने पर उसे निगरानी में रखा गया और डायलिसिस शुरू किया गया। फिलहाल चिकित्सकों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

प्रसव के बाद अचानक किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होना एक गंभीर स्थिति मानी जाती है। ऐसे मामलों में समय पर पहचान और उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। डॉक्टर मरीज की स्थिति के आधार पर आगे का इलाज तय करते हैं।

राजस्थान में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले

राजस्थान में प्रसव के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के मामलों को लेकर पहले भी चिंता सामने आती रही है। कुछ मामलों में प्रसूताओं में प्रसव के बाद किडनी से संबंधित गंभीर जटिलताएं देखी गई हैं। ऐसे मामलों में कई मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर करना पड़ता है।

जयपुर में सामने आए इस नए मामले ने एक बार फिर प्रसूताओं की प्रसव के बाद होने वाली स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार डिलीवरी के बाद महिला की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। ब्लड प्रेशर, पेशाब की मात्रा, रक्तस्राव और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों में बदलाव को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

फिलहाल SMS अस्पताल में प्रसूता का इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी हालत पर नजर रख रहे हैं। उसकी किडनी की स्थिति और उपचार के असर के आधार पर आगे की चिकित्सा प्रक्रिया तय की जाएगी।