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निकाय चुनाव से पहले प्रताप सिंह खाचरियावास का बड़ा ऐलान, वीडियो में बोले- मेयर या पार्षद का चुनाव नहीं लड़ूंगा

निकाय चुनाव से पहले प्रताप सिंह खाचरियावास का बड़ा ऐलान, वीडियो में बोले- मेयर या पार्षद का चुनाव नहीं लड़ूंगा
 
निकाय चुनाव से पहले प्रताप सिंह खाचरियावास का बड़ा ऐलान, वीडियो में बोले- मेयर या पार्षद का चुनाव नहीं लड़ूंगा

राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। जयपुर में कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बड़ा बयान देते हुए साफ कर दिया है कि वह आगामी नगर निगम चुनाव में न तो मेयर का चुनाव लड़ेंगे और न ही पार्षद पद के लिए मैदान में उतरेंगे। मेयर पद के लिए उनके नाम को लेकर चल रही चर्चाओं को उन्होंने अफवाह करार दिया।

खाचरियावास ने कहा कि नगर निगम चुनाव कांग्रेस के जांबाज कार्यकर्ता लड़ेंगे और पार्टी के टिकट पर जीतकर नगर निगम पहुंचने वाले पार्षदों में से ही मेयर का चयन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने का मौका दिया जाएगा और संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

पूर्व मंत्री ने कहा कि वह अब अपनी पूरी राजनीतिक जिंदगी में केवल विधानसभा या लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके अलावा किसी अन्य चुनाव में प्रत्याशी बनने की उनकी कोई इच्छा नहीं है। उनके इस बयान के बाद जयपुर की राजनीतिक हलचल के बीच मेयर पद को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।

खाचरियावास ने निकाय चुनाव में कांग्रेस की टिकट वितरण रणनीति को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी। जिस वार्ड में कांग्रेस का कार्यकर्ता रहता है, उसे उसी वार्ड से चुनाव लड़ने का मौका दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार पार्टी की ओर से किसी कार्यकर्ता को दूसरे वार्ड में भेजकर चुनाव लड़ाने की नीति नहीं अपनाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को चुनावी मैदान में उतारना है। अगर किसी वार्ड में संबंधित कार्यकर्ता की जाति के लिए आरक्षण की लॉटरी नहीं निकलती है, तो पार्टी उसे किसी दूसरे वार्ड से टिकट देने के बजाय अगले चुनाव तक इंतजार करने का विकल्प रखेगी।

खाचरियावास ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशियों का चयन वार्ड की स्थिति और आरक्षण की लॉटरी के आधार पर करेगी। टिकट वितरण में स्थानीय समीकरणों और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को महत्व दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी दूसरे क्षेत्र के व्यक्ति को केवल राजनीतिक प्रभाव के आधार पर किसी वार्ड में उम्मीदवार बनाकर भेजने की व्यवस्था नहीं होगी।

कांग्रेस नेता ने इस तरह के उम्मीदवारों को ‘पैराशूट प्रत्याशी’ बताते हुए कहा कि पार्टी इस बार ऐसी व्यवस्था को अनुमति नहीं देगी। उनका कहना है कि जिस क्षेत्र में कार्यकर्ता लंबे समय से जनता के बीच काम कर रहा है, उसे ही चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए। इससे स्थानीय स्तर पर संगठन मजबूत होगा और मतदाताओं से प्रत्याशी का सीधा जुड़ाव भी बना रहेगा।

राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही स्तर पर तैयारियां तेज हो रही हैं। जयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर संभावित उम्मीदवारों और मेयर पद के दावेदारों के नामों पर चर्चा शुरू हो चुकी है। ऐसे में खाचरियावास के बयान से कांग्रेस की संभावित रणनीति को लेकर संकेत मिले हैं।

अब देखना होगा कि आरक्षण की लॉटरी और वार्डों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद कांग्रेस किसे टिकट देती है। स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की रणनीति पार्टी के लिए कितनी कारगर साबित होती है, इसका फैसला चुनाव परिणाम आने के बाद होगा।