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राजस्थान में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब पूरी तरह डिजिटल, पुलिस ने दी नई प्रणाली की जानकारी

राजस्थान में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब पूरी तरह डिजिटल, पुलिस ने दी नई प्रणाली की जानकारी
 
राजस्थान में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब पूरी तरह डिजिटल, पुलिस ने दी नई प्रणाली की जानकारी

राजस्थान में चिकित्सा कानूनी प्रकरण (एमएलसी) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब पूरी तरह डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होंगी। पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार को बताया कि राज्य में 1 फरवरी 2026 से यह नई प्रक्रिया लागू की जा रही है। इसके साथ ही सभी थानों और चिकित्सालयों में हस्तलिखित रिपोर्टों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

राजस्थान पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली को कागज रहित (Paperless) और पारदर्शी बनाना है। डिजिटल प्रणाली के लागू होने के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एमएलसी प्रकरण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सीधे उपलब्ध होंगे। इससे जनता, पुलिस और न्यायालय सभी को रिपोर्ट तक त्वरित और सुरक्षित पहुँच सुनिश्चित होगी।

पुलिस मुख्यालय ने कहा कि डिजिटल प्रणाली में रिपोर्ट का सत्यापन और प्रमाणीकरण भी ऑनलाइन किया जाएगा। अब तक जहां पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए कागजी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और रिकॉर्डिंग की जाती थी, वहां अब पूरी प्रक्रिया सुरक्षित सर्वर और डिजिटल लॉग के माध्यम से होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल पोस्टमार्टम रिपोर्ट से एमएलसी और पुलिस मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, साथ ही भ्रष्टाचार और गलत जानकारी के प्रकरणों में कमी आएगी। इसके अलावा, रिपोर्ट के डिजिटली उपलब्ध होने से न्यायालय और अन्य अधिकारियों द्वारा जानकारी तक शीघ्र पहुँच संभव हो जाएगी।

राजस्थान पुलिस ने नागरिकों को यह भी भरोसा दिलाया कि डिजिटल प्रणाली गोपनीयता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाई गई है। अब रिपोर्ट में किसी भी तरह के छेड़छाड़ या फर्जीवाड़े की गुंजाइश नहीं होगी। पुलिस ने कहा कि यह प्रणाली सभी थानों और सरकारी चिकित्सालयों में लागू होगी और इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बताया कि डिजिटल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के यूजर लॉग, टाइमस्टैम्प और एन्क्रिप्शन जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे न केवल रिपोर्ट सुरक्षित और प्रमाणिक रहेंगी, बल्कि भविष्य में कानूनी विवादों में तेजी से समाधान भी संभव होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रक्रिया राजस्थान पुलिस के स्मार्ट पुलिसिंग और तकनीकी सुधार की दिशा में बड़ा कदम है। इससे पुलिस कार्यों में दस्तावेजी बोझ कम होगा और सामाजिक विश्वास भी बढ़ेगा।

इस बदलाव से यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि पुलिस और चिकित्सा विभाग के बीच सूचना आदान-प्रदान में भी तेजी आएगी। पहले जहां रिपोर्टों को प्राप्त करने में दिनों का समय लग जाता था, वहीं अब रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल से तुरंत उपलब्ध होगी।

इस प्रकार, राजस्थान में 1 फरवरी से डिजिटल पोस्टमार्टम और एमएलसी रिपोर्ट की शुरुआत राज्य में पुलिस प्रक्रिया को तकनीकी रूप से पारदर्शी और नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।