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जयपुर PWD मुख्यालय में लगे विरोध के पोस्टर, वीडियो में जाने 'प्रवीण गुप्ता भगाओ, पीडब्ल्यूडी बचाओ'; ठेकेदारों ने 1500 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान का उठाया मुद्दा

जयपुर PWD मुख्यालय में लगे विरोध के पोस्टर, वीडियो में जाने 'प्रवीण गुप्ता भगाओ, पीडब्ल्यूडी बचाओ'; ठेकेदारों ने 1500 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान का उठाया मुद्दा
 
जयपुर PWD मुख्यालय में लगे विरोध के पोस्टर, वीडियो में जाने 'प्रवीण गुप्ता भगाओ, पीडब्ल्यूडी बचाओ'; ठेकेदारों ने 1500 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान का उठाया मुद्दा

राजस्थान के सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) में लंबित भुगतानों को लेकर ठेकेदारों का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को जयपुर स्थित पीडब्ल्यूडी मुख्यालय की इमारत में जगह-गह विरोध स्वरूप पोस्टर लगाए गए। पोस्टरों के जरिए विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) प्रवीण गुप्ता को हटाने की मांग की गई और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।जयकब   रोड स्थित रेलवे कॉलोनी के सामने बने पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में लिफ्ट, पार्किंग और अन्य प्रमुख स्थानों पर लगाए गए पोस्टरों में लिखा था—"प्रवीण गुप्ता भगाओ, पीडब्ल्यूडी राजस्थान बचाओ।" पोस्टर लगने के बाद विभाग में हलचल मच गई।

ठेकेदार संगठन ने लगाए गंभीर आरोप

जानकारी के अनुसार, ये पोस्टर ठेकेदारों के संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रामसिंह शेखावत की ओर से लगवाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में ठेकेदारों के भुगतान की फाइलें पिछले छह-छह महीने से लंबित हैं और उनका समय पर निस्तारण नहीं किया जा रहा।रामसिंह शेखावत का कहना है कि कई निर्माण कार्य एक वर्ष या उससे भी पहले पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक उनका भुगतान जारी नहीं किया गया है। इससे ठेकेदारों को भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

1500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित होने का दावा

ठेकेदार संगठन का दावा है कि प्रदेशभर में पीडब्ल्यूडी के करीब 1500 करोड़ रुपये से अधिक के बिलों का भुगतान अभी भी लंबित है। संगठन का कहना है कि भुगतान में लगातार हो रही देरी से निर्माण कार्यों पर भी असर पड़ रहा है और कई ठेकेदार वित्तीय संकट में पहुंच गए हैं।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सचिवालय में अधिकारी देर रात तक काम करने के बावजूद भुगतान संबंधी मामलों का समय पर समाधान नहीं हो रहा।

विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

ठेकेदारों ने हाल ही में पीडब्ल्यूडी कार्यालय में हुई कुर्की की कार्रवाई का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि यह विभाग की वित्तीय और प्रशासनिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उनका कहना है कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा।

आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल, इस पूरे मामले पर अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता या सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पोस्टर लगाने के मामले में विभाग या प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई की जाएगी या नहीं।इस घटनाक्रम ने एक बार फिर सरकारी विभागों में लंबित भुगतानों और ठेकेदारों की समस्याओं को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार और विभाग इस विवाद पर क्या कदम उठाते हैं।