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राजस्थान विधानसभा में कानून‑व्यवस्था पर गरमाई राजनीति: विपक्ष ने गैंगस्टर का डर बताया, मंत्री ने “जंगलराज” के आरोप से किया इनकार

राजस्थान विधानसभा में कानून‑व्यवस्था पर गरमाई राजनीति: विपक्ष ने गैंगस्टर का डर बताया, मंत्री ने “जंगलराज” के आरोप से किया इनकार
 
राजस्थान विधानसभा में कानून‑व्यवस्था पर गरमाई राजनीति: विपक्ष ने गैंगस्टर का डर बताया, मंत्री ने “जंगलराज” के आरोप से किया इनकार

बुधवार को राजस्थान विधानसभा में कानून‑व्यवस्था और अपराध की बढ़ती घटनाओं को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। शून्यकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों ने प्रदेश में बढ़ते अपराधियों के प्रभाव, रंगदारी व अवैध गतिविधियों को लेकर सरकार को कठोर सवालों के घेरे में रखा। विपक्ष का आरोप था कि प्रदेश में आम नागरिक, व्यापारी और डॉक्टर तक गैंगस्टरों की दहशत में जी रहे हैं और सरकार इस परिस्थिति को नियंत्रित नहीं कर पा रही है।

विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने शून्यकाल में अपराधियों और गैंगस्टरों की गतिविधियों को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि कई बड़े गैंगस्टर जेल या विदेश में होने के बावजूद नेटकॉलिंग के माध्यम से रंगदारी व धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने यूपी‑बिहार मॉडल जैसी सख्त कानून व्यवस्था लागू करने की मांग करते हुए कहा कि सहयोगियों की संपत्ति जब्ती, सख्त सजा समेत अन्य कठोर कदम उठाए जाने चाहिए ताकि अपराधियों में खौफ पैदा हो।

भाटी ने यह भी कहा कि यदि इस तरह की परिस्थितियों का नियंत्रण नहीं किया गया तो व्यापारी वर्ग व्यवसाय करने में भय महसूस करेगा और छोटे‑छोटे कारोबार भी संकट में पड़ सकते हैं। उनके अनुसार प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री और नशे की तस्करी जैसी गंभीर बातों पर भी त्वरित कदम उठाने की जरूरत है।

विपक्ष के इस गंभीर आरोप के जवाब में गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि प्रदेश में “जंगलराज” जैसा हालात नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार कानून‑व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए पिछले समय की बातों को दोहराया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने 2024 में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की टीमों द्वारा 1.23 लाख से अधिक स्थानों पर दबिश देने और कई बड़े अपराधियों को गिरफ्तार किए जाने का हवाला देते हुए यह दावा किया कि सरकार सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।

बेढम ने कहा कि रोहित गोदारा गैंग से जुड़े कई इनामी अपराधियों को विदेश और जेल से पकड़वाया गया है, जिसमें अमरजीत बिश्नोई और उसकी पत्नी सुधा कंवर समेत आदित्य जैन का उल्लेख किया गया, साथ ही कुछ अन्य आरोपियों को अमेरिका से डिटेन कराया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयाँ यह दर्शाती हैं कि राज्य सरकार अपराधियों के खिलाफ दृढ़ता से कार्रवाई कर रही है।

विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंत्री के जवाब पर आपत्ति जताई और कहा कि सदन में वर्तमान हालात के बारे में ही विस्तार से चर्चा होनी चाहिए न कि पुरानी सरकार की बातों को दोहराया जाए। जूली ने कहा कि जनता के सामने वर्तमान कानून‑व्यवस्था की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। इन दोनों पक्षों के बीच बातचीत में तनातनी बढ़ गई और सदन में काफी देर तक नोक‑झोंक जारी रही।

इसके अलावा, विधानसभा में अवैध शराब की बिक्री को लेकर भी प्रश्न उठे। मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि कानूनी ढाँचे में अधिकृत मदिरा दुकानों के अलावा कहीं भी शराब का अवैध विक्रय नहीं हो रहा और यदि कोई दुकान नियमों का उल्लंघन करती है तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाती है। विपक्षी सदस्यों ने इसे असमर्थनीय बताया और कहा कि अवैध शराब बाजार में आसानी से उपलब्ध है और उसे नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।

अंत में, भाजपा के कालीचरण सराफ ने उद्योग क्षेत्र में बिजली दरों को “देश की सबसे महंगी बिजली” बताते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि महंगी बिजली के कारण उद्योगों पर प्रतिमाह भारी बोझ बढ़ रहा है और इससे कई इकाइयाँ बंद होने की कगार पर हैं। सराफ ने नई निवेश योजनाओं और उद्योगों के स्थिर व्यापार के लिए बिजली दरों में कटौती की आवश्यकता जताई।