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बीकानेर सड़क हादसे के बीच जनसुनवाई में गरमाई सियासत, वीडियो में देंखे ट्रॉमा सेंटर को लेकर विधायक और RLP नेता में तीखी बहस

बीकानेर सड़क हादसे के बीच जनसुनवाई में गरमाई सियासत, वीडियो में देंखे ट्रॉमा सेंटर को लेकर विधायक और RLP नेता में तीखी बहस
 
बीकानेर सड़क हादसे के बीच जनसुनवाई में गरमाई सियासत, वीडियो में देंखे ट्रॉमा सेंटर को लेकर विधायक और RLP नेता में तीखी बहस

बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ में सोमवार को हुए भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौत से क्षेत्र शोक में डूबा रहा। इसी बीच पंचायत समिति भवन में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान ट्रॉमा सेंटर के मुद्दे पर राजनीतिक माहौल गरमा गया। कार्यक्रम में मौजूद भाजपा विधायक और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) नेता के बीच तीखी नोकझोंक हो गई, जिसका वीडियो भी सामने आया है।जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे पंचायत समिति भवन में कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा जनसुनवाई कर रहे थे। इस दौरान क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं और सड़क हादसों के बाद आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था का मुद्दा उठाया गया।

जनसुनवाई के दौरान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता विवेक माचरा ने कहा कि श्रीडूंगरगढ़ में ट्रॉमा सेंटर बनाने की घोषणा करीब ढाई साल पहले की गई थी, लेकिन अब तक यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।इस पर भाजपा विधायक ताराचंद सारस्वत ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ट्रॉमा सेंटर की घोषणा ढाई साल पहले नहीं, बल्कि जुलाई 2025 में की गई थी। इसी दौरान विधायक ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “आपने तीन साल डुबोए रखा, तब मर गए थे क्या?” विधायक की इस टिप्पणी पर कार्यक्रम में मौजूद लोग और आरएलपी नेता विवेक माचरा नाराज हो गए।

देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच भी बहस शुरू हो गई। कुछ समय के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी विधायक की टिप्पणी पर आपत्ति जताई।हालांकि स्थिति ज्यादा बिगड़ने से पहले कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को शांत कराया। मंत्री ने ट्रॉमा सेंटर से जुड़े मुद्दे पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया और कहा कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है।

गौरतलब है कि उसी दिन श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की जान चली गई थी। हादसे के बाद ट्रॉमा सेंटर और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों तो गंभीर हादसों में घायलों को समय पर इलाज मिल सकता है। फिलहाल जनसुनवाई के दौरान हुई इस बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं ट्रॉमा सेंटर की मांग को लेकर स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों के बीच बहस भी तेज हो गई है। क्षेत्र के लोग अब सरकार से जल्द से जल्द परियोजना को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।