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ब्यावर में ‘जेल भरो आंदोलन’ से गरमाई सियासत, वीडियो में देंखे 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे पशुपालक और DNT समाज

ब्यावर में ‘जेल भरो आंदोलन’ से गरमाई सियासत, वीडियो में देंखे 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे पशुपालक और DNT समाज
 
ब्यावर में ‘जेल भरो आंदोलन’ से गरमाई सियासत, वीडियो में देंखे 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे पशुपालक और DNT समाज

राजस्थान के ब्यावर में मंगलवार को राष्ट्रीय पशुपालक संघ, डीएनटी संघर्ष समिति और मूल ओबीसी महापंचायत के संयुक्त तत्वावधान में बड़ा ‘जेल भरो आंदोलन’ आयोजित किया गया। आंदोलन में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने शहर में रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और बाद में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार पर उनकी मांगों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से डीएनटी समाज, पशुपालकों और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार से मांगें की जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

आंदोलन की शुरुआत शहर में विशाल रैली के साथ हुई। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर लोग सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन तक आवाज पहुंचाने का प्रयास किया। रैली के दौरान कई जगह पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में डीएनटी समाज और पशुपालकों से जुड़ी 11 प्रमुख मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई। हालांकि आंदोलनकारियों ने मांगों का विस्तृत खुलासा सार्वजनिक रूप से नहीं किया, लेकिन उनका कहना था कि ये मांगें समाज के अधिकार, आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी हुई हैं।

प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने विरोध स्वरूप मुख्यमंत्री का पुतला भी दहन किया। इस दौरान माहौल काफी गर्म रहा और प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।आंदोलन से जुड़े नेताओं ने कहा कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में राजस्थानके हर जिले में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

आंदोलनकारियों ने यह भी घोषणा की कि इस आंदोलन का समापन 1 जुलाई को जयपुर में प्रस्तावित ‘महापड़ाव’ के रूप में होगा। माना जा रहा है कि इस महापड़ाव में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ सकता है।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि प्रदेश में विभिन्न सामाजिक संगठनों और समुदायों के आंदोलन लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सरकार के लिए इन मांगों और आंदोलनों को संभालना चुनौती बन सकता है। फिलहाल ब्यावर में हुए इस ‘जेल भरो आंदोलन’ ने स्थानीय राजनीति और प्रशासन दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और 1 जुलाई को जयपुर में होने वाला महापड़ाव कितना बड़ा रूप लेता है।